डेंगू अपने आप में ठीक होने वाली बीमारी है डेंगू होने पर बिल्कुल न घबराएं : डॉ. प्रेम मच्छान

“डेंगू” में अधिक आराम करें व तरल पदार्थों का करें ज्यादा सेवन: डॉ. प्रेम मच्छान

  • एडीज नामक मच्छर के काटने से होता है डेंगू
  • डेंगू के लक्षण 5 से 14 दिनों के अंदर शरीर में दिखाई देने लगते हैं
शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (IGMC) के मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रेम मच्छान

शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (IGMC) के मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रेम मच्छान

  • डेंगू अपने आप में ठीक होने वाली बीमारी है डेंगू होने पर बिल्कुल न घबराएं : डॉ. प्रेम मच्छान

हमारे देश में डेंगू का खतरा अब काफी बढ़ने लगा है। केवल भारत में ही नहीं दुनिया भर में फैला यह एक ऐसा वायरल खतरनाक बीमारी है, जिससे कि लाखों लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। देश के साथ-साथ हमारे प्रदेश में भी डेंगू अपने पैर पसार चुका है। प्रदेश में डेंगू के मरीजों का इस साल का आंकड़ा 1892 के करीब पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान डेंगू के मरीजों में काफी तेजी से इजाफा हुआ है। डेंगू की चपेट में सबसे अधिक बिलासपुर और सोलन जिला के लोग आ रहे हैं। इन दो जिलों में मरीजों की संख्या 1600 के पार पहुंच गई है। प्रदेश के अस्पतालों में अभी तक 5887 मरीजों के डेंगू टेस्ट किये गये हैं। डेंगू से 19 अगस्त को मंडी के एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

  • हम अपने हेल्थ कॉलम में इस बार आपको डेंगू के बुखार से संबंधित विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देने जा रहे हैं। पेश है हिम शिमला लाइव की उप-संपादक ठाकुर रीना राणा की शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) के मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रेम मच्छान से डेंगू बुखार के बारे में बातचीत के मुख्य अंश:

प्रश्न : डॉक्टर आप सबसे पहले ये बताएं कि डेंगू क्या है?                   

उत्तर : डेंगू एक तरह का वायरल फीवर है। यह मलेरिया की तरह ही मच्छर के काटने से होता है।  इसके मच्छर दूसरी प्रजाति के हैं। डेंगू का वायरस 4 से 5 सिरो टाइप का होता है। डेंगू बुखार एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन है जो एडीज मच्छर के काटने से होता है। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद ये मच्छर जिस किसी को भी काटते हैं, उसमें इस बीमारी के वायरस फैल जाते हैं। जुलाई से अक्टूबर महीने तक इसके फैलने की सबसे अधिक संभावना रहती है, क्योंकि बरसात के मौसम के बाद मच्छरों की तादाद बढ़ जाती है। इस बीमारी के कारण रोगी को बुखार आता है और कई अन्य शारीरिक परेशानियां होती हैं। मच्छरों की कई प्रजातियां होती है। जिसमें एक एडीज नाम की प्रजाति भी पाई जाती है। अकेला एडीज मच्छर कई लोगों को एक साथ प्रभावित कर सकता है। डेंगू संक्रमित रोग है।

प्रश्न : डेंगू का पता कितने दिनों के भीतर लग पाता है?

उत्तर : किसी को भी डेंगू होने के लक्षण करीब 5 से 14 दिनों के अंदर शरीर में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लग पड़ते हैं। ज्यादातर एक सप्ताह बाद डेंगू का पता चल जाता है। डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों को समझने में लोग काफी देर कर देते हैं और यह इंसान के जीवन के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। कभी-कभी यह बीमारियां जानलेवा भी साबित हो जाती है। एडीज मच्छर के काटने से शरीर के अंदर विषाणु बड़ी तीव्र गति से बढ़ने लगते हैं अर्थात फैलने लगते हैं।

प्रश्न : डॉक्टर साहब डेंगू के लक्षण व इसके बुखार के बारे में थोड़ा विस्तार से बताएं?

उत्तर : तेज ठंड के साथ बुखार आना, आंखों के ऊपर दर्द, पूरे शरीर में दर्द, उल्टी आना, भूख न लगना, जोड़ों में जकड़न व दर्द महसूस होना, एकदम तेज बुखार आना इत्यादि डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। मच्छर के काटने के बाद बहुत तेज बुखार, शरीर पर जगह-जगह दाने निकल आना इत्यादि यह सब डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों के लक्षण हैं। गला भी खराब हो जाता है और डेंगू के मरीज को काफी कमजोरी मह्सूस होती है। डेंगू को (breakbone fever) हड्डीतोड़ बुखार भी कहा जाता है। क्योंकि डेंगू होने पर शरीर में असहनीय दर्द होता है। इसके मचछर दिन के समय काटते है। एक समय में 6-10 लोगों को काटता है। जब यही दूसरे सिरोबार को काटता है तो डेंगू होने का खतरा ज्यादा रहता है। यह vector borne है अर्थात import हो सकता है।

यानि मैं कहना चाहूँगा कि डेंगू में ठंड के साथ तेज बुखार, सिर मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले भाग में दर्द, कमजोरी, भूख लगना, शरीर पर लाल-गुलाबी दाने निकलना शामिल है। इसके अलावा बेचैनी और बल्ड प्रेशर कम होना भी शामिल है। साधारण बुखार में शरीर का तापमान 100 से 102 डिग्री तक रहता है। हालांकि कभी-कभी 103 डिग्री फारेनहाइट तक हो जाता है। लेकिन डेंगू में शरीर का तापमान 103 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर चला जाता है। जो बढ़कर 105 डिग्री तक हो जाता है। फिर भी पूरी तरह इसकी पुष्टि टेस्ट करवाने के बाद ही यानि ब्‍लड टेस्‍ट के माध्यम से की जा सकती है।

प्रश्न : डेंगू क्या मरीज को छूने, उसके पास बैठने या उसके साथ खाना-खाने से हो सकता है?

उत्तर : नहीं, यह केवल मच्छर के काटने से ही होता है। डेंगू सभी आयु के लोगों को हो सकता है। इसकी संभावना छोटी बच्चियों में होने की ज्यादा रहती है। यदि कोई व्यक्ति गुर्दे की बीमारी, दिल की बीमारी या फिर शुगर से ग्रस्त है तो उनमें स्वीएर होने का खतरा ज्यादा रहता है। साधारण बुखार डेंगू रोग की तरह संक्रामक नहीं होता, लेकिन डेंगू एक संक्रामक रोग है जो एडीज नामक मच्‍छर के काटने से फैलता है। ये मरीज को छूने, उसके पास बैठने या उसके साथ खाना-खाने से नहीं फैलता है।

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