प्रदेश में 923 बंद सड़कों में से मंगलवार को 428 सड़कें हुई बहाल

हिमाचल: भारी बारिश की चलते लोगों की बढ़ी दिक्कतें, भूस्खलन से कई हाइवे बंद

शिमला: रविवार देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की जहां दिक्कतें बढ़ा दी है वहीं लोगों को अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी पेश आ रही है। भारी बारिश के चलते जिला भर में आधा दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं। तो वहीं, कालका-शिमला हाईवे पर चक्की मोड़ और तम्बु मोड़ के पास भुस्खलन होने के कारण हाईवे बंद हो गया है।

मंडी के पास वाहनों की आवाजाही के लिए चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-21 बंद कर दिया गया है। इसी तरह सोलन जिले में जबली के पास चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 ठप है। कालका शिमला हाइवे में बार-बार बड़े पत्थर व मलबा बारिश के चलते सड़कों पर गिर रहा है जिसकी वजह से जाम लगा हुआ है। हिंदुस्तान-तिब्बत रोड के कई पड़ावों पर भूस्खलन होने की वजह से किन्नौर जिले में वाहनों की आवाजाही बंद है।  कई जगह भूस्खलन होने से नैशनल हाइवे पर यातायात को रोका गया है।

किन्नौर, शिमला, चंबा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में ऊंचे इलाकों में सड़कें अवरुद्ध हैं और इन्हें फिर से खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। किन्नौर के रुतुरांग में भूस्खलन की वजह से सांग्ला-कर्चम मार्ग को बंद कर दिया गया। शिमला में, फेज-3, कंगनाधार में भूस्खलन की वजह से एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। कांगड़ा जिले के भी भूस्खलन के कारण कई सड़कों को बंद किया गया। इसके अलावा भूस्खलन की वजह से चांबा जिले के पंजपुला में सड़क को बंद कर दिया गया।

वहीं शिमला के देवनगर, कुसुम्पटी और सुंदरनगर फोरलेन पर भारी भूस्खलन हुआ है। जडोल के पास भी हाइवे बंद हो गया है। प्रशासन ने रास्ता खोलने को जेसीबी मशीनें लगाई हैं।

मंडी के सुंदरनगर में कई मकानों को खाली करा लिया गया है। बिलासपुर में नेशनल हाइवे लैंडस्लाइड की वजह से बंद हो गया है। हमीरपुर-शिमला नेशनल हाईवे बंद और कुनाह पुल के क्षतिग्रस्त होने से दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतारें लग गई हैं।  वहीं कई स्थानों पर ग्रामीण रोड बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध और सब्जी की आपूर्ती भी नहीं हो पा रही है। जिससे किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है।

कुल्लू में दो दिनों की बारिश ने ही अफरा-तफरी मचा दी है। यहां बीती रात को मणिकर्ण घाटी में बादल फट गया, जिसके पानी ने कटागला को जलमग्न कर दिया। प्रशासन की राहत टीम रात को ही मौके पर पहुंच गई और तीन विदेशी पर्यटकों को यहां से रेस्क्यू किया गया, जो यहां पर ठहरे हुए थे, जबकि स्थानीय लोग भी अपने घरों से दूर चले गए। कुल्लू जिला में दो दिनों से हो रही बारिश ने यहां के सभी नदी-नालों को उफान पर ला दिया है, यहां की प्रमुख ब्यास व पार्वती नदियां उग्र रूप से बह रही हैं। जिला के उपनगर भुंतर में बारिश का पानी नालियों से निकलकर सड़कों पर बह रहा है और लोगों के घरों में घुसकर उन्हें बाहर कर दिया है। यहां के दोहरानाला में ग्रामीण क्षेत्र की दो पुलियां नाले के तेज बहाव में बह गई, जिससे गांवों का संपर्क कट गया है। आनी उपमंडल के हरीपुर में एक मकान पर पहाड़ी का मलबा गिर गया, जिसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोगों को मुश्किल से पशुओं को बाहर निकालना पड़ा। पशुओं को निकालने के लिए दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। बारिश में डंगे धंसने व भू-स्खलन के कारण जिला के कई ग्रामीण सड़क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश में बरसात के दौरान अभी तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। बादल फटने और भूस्खलन व मकान ढहने के कारण ही अधिक लोगों की जान गई है। इस दौरान करीब 558 मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिसमें से 80 मकानों पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। बरसात से हुए नुकसान का आंकड़ा करीब 580 करोड़ तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में मंगलवार तक के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

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