पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर साइकिल का रोमांचक सफर आज से शुरू

पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर साइकिल का रोमांचक सफर आज से शुरू

  •  साईकिल रैली में 9 दिव्यांग व 36 अन्य प्रतिभागी ले रहे भाग
  • जाबांज दिव्यांग भी बुलंद हौंसलों के साथ 10 दिन में तय करेंगे 700 कि.मी. का सफर
  • रैली का उद्देश्य देश के दिव्यांगों को मानसिक व शारीरिक आघात से उबरने की प्रेरणा देना : ए.डी.जी. चौबे
  • हिमाचल पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
  • बीएसएफ की मदद से आदित्य मेहता फाऊंडेशन ने पिछले 4 वर्षों से 120 दिव्यांगों को सहायता की व 45 अंतर्राष्ट्रीय मेडल जीते

शिमला : हिमाचल के पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर साइकिल का रोमांचक सफर आज से शुरू हो गया है। पैरा इनफिनिटी राइड साइकिल रैली को शिमला के रिज मैदान से हिमाचल पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शिमला से शुरू होकर 5 अगस्त को नारकंडा, 6 अगस्त को रामपुर, 7 अगस्त को कल्पा, 8 अगस्त को पूह, 9 अगस्त को नाको, 10 अगस्त को ताबो, 11 अगस्त को काजा, 12 अगस्त को लोसर, 13 अगस्त को छात्रु, 14 अगस्त को पालछन और 15 अगस्त को रोहतांग होते हुए मनाली पहुंचेगी, जहां केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू रैली के समापन पर मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

बीएसएफ और आदित्य मेहता फाऊंडेशन द्वारा आयोजित इस पैरा इनफिनिटी राइड साइकिल रैली में 36 प्रतिभागी 10 दिन में 700 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। सीमा सुरक्षा बल पश्चिमी कमान के ए.डी.जी. कमल नयन चौबे ने कहा कि 5 से 15 अगस्त तक 700 किलोमीटर लंबी इस साईकिल रैली में 9 दिव्यांग तथा 36 अन्य प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं।  उन्होंने बताया कि देश की रक्षा में बीएसएफ के जिन जवानों ने अपने महत्वपूर्ण अंग गवाएं हैं, उनकी हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए दिव्यांग स्किल डवेल्पमेंट सेंटर छाबला की नई दिल्ली में स्थापना की गई है। इस सेंटर में पैरा स्पोर्टस ट्रेनिंग, कंप्यूटर स्किल डवेल्पमेंट कोर्स तथा कम्यूनिकेशन स्किल डवेल्पमेंट के कोर्स करवाए जाते हैं। 15 अगस्त को मनाली में इस रैली के समापन समारोह की अध्यक्षता गृह मंत्री किरण रिजिजु करेंगे।

साईकिल रैली में 9 दिव्यांग व 36 अन्य प्रतिभागी ले रहे भाग

साईकिल रैली में 9 दिव्यांग व 36 अन्य प्रतिभागी ले रहे भाग

रैली के आयोजन का उद्देश्य देश के दिव्यांगों को मानसिक और शारीरिक आघात से उबरने की प्रेरणा देना है। रैली में बी.एस.एफ. के ऐसे जवान भी भाग ले रहे हैं जो सीमाओं पर सेवाएं देते हुए दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं और ये जवान दिव्यांगों को सन्देश देंगे कि यदि किसी वजह से आपका कोई अंग नहीं है और आप में हौंसला है तो आप दूसरो की तरह सबकुछ कर सकते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि रैली के दौरान सुरक्षा के मध्यनजर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

हिमाचल पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने कहा कि आदित्य मेहता फाऊंडेशन ने बीएसएफ की मदद से पिछले 4 वर्षों से 120 दिव्यांगों को सहायता की है और 45 अंतर्राष्ट्रीय मेडल जीते हैं तथा कई अवार्ड भी हासिल किए हैं। यह साईकिल रैली सीमा सुरक्षा बल आदित्य मेहता फांउडेशन पैरा इनफिनिटी राईड द्वारा करवाई जा रही है। इस रैली में भाग लेने वाले कुछ जवान भारत की सीमाओं में हुए हादसों में अपने अत्यंत उपयोगी अंग गवां चुके हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगों को शारीरिक व मानसिक तौर पर सशक्त बनाना है, ताकि वह अपने देश व समाज के विकास में अपनी सहभागिता दर्ज करवा सकें।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल भारत की सरहदों पर देशवासियों की दुश्मनों से रक्षा करता है तथा देश के विभिन्न प्रांतों में भी हर प्रकार की विकट परिस्थितियों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।

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