प्रदेश सरकार ने आतिथ्य क्षेत्र में कार्यशील पूंजी ऋणों पर ब्याज अनुदान योजना शुरू

पर्यटन इकाई धारक औद्योगिक विकास योजना के अन्तर्गत करवाएं पंजीकरण

शिमला: पर्यटन इकाई धारक जिन्होंने एक अप्रैल, 2017 के पश्चात व्यावसायिक उत्पादन/संचालन आरम्भ किया है, को केन्द्रीय पूंजीगत निवेश प्रोत्साहन सुविधा का लाभ लेने के लिए 30 सितम्बर, 2018 तक भारत सरकार के औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग के साथ औद्योगिक विकास योजना-2017 के अन्तर्गत पंजीकरण करवाने को कहा गया है।

पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक राकेश कवंर ने सूचित किया कि सरकार द्वारा पर्यटन को पहले ही वर्ष 1984 में, उद्योग घोषित किया गया है। पंजीकरण के लिए आवेदन के लिए डीआईपीपी वैब लिंक पोर्टल दबवहण्हवअण्पदध्पकेध्सवहपद है। भारत सरकार द्वारा योजना को उत्पादन तथा सेवा क्षेत्र उद्यमों से जुड़ी नई तथा मौजूदा इकाईयों के लिए बढ़ाया गया है और यह योजना 31 मार्च, 2022 तक प्रभावी रहेगी।

संयंत्र एवं मशीनरी में 5 करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा सहित 30 प्रतिशत निवेश की दर से ऋण लेने के लिए केन्द्रीय पूजी निवेश प्रोत्साहन औद्योगिक विकास योजना की मुख्य विशेषताओं में शामिल है।

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