27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा खग्रास चंद्र ग्रहण, इन राशियों के लिए शुभ है ग्रहण...

27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा खग्रास चंद्र ग्रहण, इन राशियों के लिए शुभ है ग्रहण…कालयोगी आचार्य महिन्दर शर्मा

इस बार 27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। ग्रहण 27 जुलाई की मध्य रात्रि में 11 बजकर 45 मिनट पर होगा और इसका मोक्ष काल यानी अंत 28 जुलाई की सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर होगा। कालयोगी आचार्य महिन्दर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा को सदी का सबसे लंबा चन्द्रग्रहण लगने जा रहा है। इससे पहले 31 जनवरी को इस साल पूर्ण चन्द्रग्रहण लगा था जिसमें करीब 1 घंटे 16 मिनट का खग्रास था। अब 27 और 28 जुलाई की मध्य रात्रि में लगने वाले चन्द्रग्रहण में करीब 1 घंटे 43 मिनट का खग्रास रहेगा।

इस राशि के लोगों को कष्ट : ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस राशि में चन्द्रग्रहण होता है उस राशि के लोगों को कष्ट का सामना करना पड़ता है। ग्रहण मकर राशि में होने के कारण इस राशि के लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कालयोगी आचार्य महेंद्र शर्मा

कालयोगी आचार्य महेंद्र शर्मा

इनके लिए शुभ है ग्रहण : ग्रहण से जहां कई राशियों को अशुभ फल मिलने की आशंका है वहीं कुछ राशियों को लाभ और शुभ फल भी मिलने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार मिथुन, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा।

इसे पूरे देश में इसे देखा जा सकेगा। भारत के साथ ही कई अन्य देशों पर भी 27 जुलाई को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण का बुरा प्रभाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि जब भी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक ही महीने में होते हैं, तो प्राकृतिक आपदाएं आती हैं। ग्रहण से भूकंप, चक्रवात, ज्वालामुखी व सुनामी की आशंका के अलावा उपग्रहों और विमानों में खराबी आने की आशंका भी बढ़ जाती है। इससे पहले 26 जुलाई 1953 को सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पड़ा था। यह बीसवीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण था। इस दौरान ग्रीस में भीषण भूकंप आया था।

भूलकर भी न करें ये काम : ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। सूतक काल में न करें पूजा-पाठ। इसके साथ ही ग्रहण के समय खाना खाने से भी बचना चाहिए। इस दौरान ग्रहण किया गया भोजन अशुद्ध हो जाता है। इसलिए जिन चीजों को फेंका नहीं जा सकता उन खाने पीने की चीजों में तुलसी की पत्ती डाल दें।

गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ग्रहण के समय निकलने वाली नकारात्मक किरणें माता और शिशु के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

यह चन्द्रग्रहण शुरू होने से अंत होने तक करीब 4 घंटे का रहेगा। खगोल वैज्ञानिक मान रहे हैं कि यह 21वीं सदी का सबसे लंबा चन्द्रग्रहण होगा। इस चंद्रग्रहण को पूरे भारत में देखा जा सकता है। भारत के अलावा यह चन्द्रग्रहण संपूर्ण एशिया, यूरोप, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, हिंद और अटलांटिक महासागर क्षेत्र में देखा जा सकेगा। ग्रहण का आरंभ 27 जुलाई की मध्य रात्रि में 11 बजकर 54 मिनट पर होगा और इसका मोक्ष काल यानी अंत 28 जुलाई की सुबह 3 बजकर 49 मिनट पर होगा।

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