सूर्य ग्रहण 13 जुलाई: जानें प्रभाव और कैसे करें बचाव?

सूर्य ग्रहण 13 जुलाई: जानें प्रभाव और कैसे करें बचाव?

सूर्य ग्रहण 13 जुलाई को लग रहा है। यह साल का दूसरा सूर्य ग्रहण है। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा इसलिए ग्रहण के नियम के अनुसार भारत में रहने वाले लोगों पर ग्रहण के सूतक का विचार नहीं होगा। भारत के लोगों को ग्रहण के दौरान किए जाने वाले नियमों के पालन की जरूरत नहीं। इसलिए अफवाहों और बेकार की बातों पर ध्यान ना दें।

हां, वे भारतीय जो उन देशों में रहते हैं जहां ग्रहण दिखेगा, उन पर इस ग्रहण का प्रभाव होगा और उन्हें सूतक का भी ध्यान रखना चाहिए। जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखेगा वहां केवल ग्रहण के सूतक का नियम पालन जरूरी माना गया है।

  • साल के इस दूसरे सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य मिथुन राशि में रहेंगे और चंद्रमा भी इनके साथ मौजूद रहेंगे। इससे पहले फरवरी के महीने में सूर्य ग्रहण लगा था। यह खण्डग्रास सूर्यग्रहण आस्ट्रेलिया के सुदूर दक्षिणी भागों विक्टोरिया, तस्मानिया, प्रशांत एवं हिंद महासागर में देखा जा सकेगा।
  • ग्रहण का आरंभ 7 बजकर 18 मिनट पर होगा और मोक्षकाल 9 बजकर 43 मिनट होगा। ग्रहण कुल 2 घंटे 25 मिनट का होगा। ग्रहण के समय से 12 घंटे पहले सूर्य ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाता है। चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण से 10 घंटे पहले आरंभ होता है।
  • जिन जगहों पर दिखेगा ग्रहण, वहां रहनेवाले भारतीय इन नियमों का पालन कर सकते हैं…
  • -ग्रहण काल के दौरान मानसिक जप करना चाहिए, ध्यान लगाना चाहिए या मौन साधना कर सकते हैं। इस दौरान पूजा नहीं करनी चाहिए और भगवान की मूर्ति या तस्वीर के स्पर्श की मनाही है।
  • -गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए। वह कमरे में रहें और मानसिक जप या ध्यान करें।
  • -ग्रहण के दौरान खाने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें।
  • -खाली आंखों से ग्रहण को नहीं देखना चाहिए। इसके लिए उपयुक्त लैंस या गॉगल का इस्तेमाल करें। आप घर में रखी एक्स-रे फिल्म को आंखों के आगे रखकर भी ग्रहण देख सकते हैं। साथ ही आप सोलर फिल्टर या सलर व्यूअर का भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • -ध्यान रखें, जिस भी माध्यम से आप ग्रहण को देख रहे हों चाहे वह एक्स-रे फिल्म हो या ग्लास, उसमें स्क्रैच नहीं होने चाहिए।
  • -सूर्य ग्रहण की फोटो क्लिक करना चाहते हैं तो किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। अन्यथा आंखों को नुकसान हो सकता है।
  • -ग्रहण काल के बाद किसी पवित्र नदी या ताजे जल से स्नान करना चाहिए।
  • -स्नान के बाद दान-पुण्य करने का विधान हमारी संस्कृति में है।

ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य ग्रहण लगने से पहले दूध-दही जैसी चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर रखने चाहिए।

जिस वक्‍त सूर्य ग्रहण लगा होता है उस अवधि को सूतक काल कहते हैं, ज्योतिषियों के अनुसार सूतक का प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन इस अवधि में पूजा-पाठ और मूर्ति पूजा नहीं की जाती है। ऐसा भी कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय सोना और खाना नहीं चाहिए।

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