निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिये होगा गुणवत्ता जांच दस्ता स्थापित : सीएम

लोक निर्माण विभाग निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी के लिये करेगा सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग

  • मुख्यमंत्री कार्यालय में की जाएगी निर्माण क्वालिटी चैक स्क्वाड की स्थापना

शिमला: राज्य सरकार प्रदेश में सड़कां, पुलों तथा अन्य सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित बनाने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा निरीक्षण के लिए एक तंत्र सृजित कर मुख्यमंत्री कार्यालय में एक स्वतंत्र गुणवत्ता जॉच दल स्थापित करेगी।

यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां जीएसटी के कार्यान्वयन तथा लोक निर्माण विभाग में कार्य संविधा (ठेकों) पर इसके प्रभाव को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परियोजनाओं के पूरा होने में किसी प्रकार के विलंब व गुणवत्ता के साथ समझौते को लेकर कड़ा संज्ञान लेगी। सरकार दोषी ठेकेदारों तथा निर्माण एजेंसियां के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करेगी।

जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार एक योजना आरम्भ करने के बारे में भी विचार कर रही है, जिसके अन्तर्गत कार्यान्वयन एजेंसियों को तय समयावधि से पूर्व परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न होगी, बल्कि परियोजनाओं की लागत में वृद्धि पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग का बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन किया जाएगा, ताकि निर्माणाधीन परियोजनाओं के अनुश्रवण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणात्मक निर्माण सामग्री सुनिश्चित बनाने तथा ठेकेदारों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि सीमेंट को छोड़कर ठेकेदार स्वीकृत निर्माण सामग्री का बाजार से स्वयं प्रबन्ध करेंगे तथा ठेकेदारों द्वारा वांछित सामग्री को समझौता दरों के आधार पर अनुपातित बाजार दरों पर जारी किया जाएगा तथा भण्डार से जारी सामग्री पर ठेकेदारों को किसी प्रकार का इनपुट टेक्स क्रेडिट इत्यादि नहीं दिया जाएगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि निर्माण स्थल से निकाले गए मलबे का उपयुक्त उपयोग कर पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने इंजीनीयर प्रभारी की सन्तुष्टि के अनुसार ठेकेदारों को निर्माण उद्देश्य के लिए सामग्री का उपयोग करने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को दिए गए कार्यों से सम्बन्धित निर्माण स्थलों पर ठेकेदार निर्माण कार्य से निकले मलबे का पुनः उपयोग करने के लिए क्रशर का उपयोग कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जीएसटी लागू होने के उपरान्त ठेकेदारों से जुड़े विभिन्न मामलों के प्रति साहनुभूति रखती है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जो शीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को भूस्खलन सम्भावित स्थलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिसमें विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान होने वाले भूस्खलन शामिल हैं। इन स्थानों पर पर्याप्त कर्मी तथा मशीनरी भी तैनात की जानी चाहिए ताकि भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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