थाईलैंड: गुफा में दो हफ्ते से फंसे 12 में से 6 बच्चों को निकाला गया, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

थाईलैंड: गुफा में दो हफ्ते से फंसे 12 में से 6 बच्चों को निकाला गया, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

थाईलैंड : उत्तरी थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में दो हफ्ते से ज्यादा समय से फंसे 12 लड़कों और उनके फुटबॉल कोच को बाहर निकालने का काम जारी है। पहले दौर में रेस्क्यू टीम ने 6 बच्चों को सकुशल निकाल लिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल थाई नेवी सील के एक रिटायर्ड गोताखोर की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई थी जिसके बाद इस पर सवाल उठने लगे थे। राहत-बचाव कार्य में करीब 1300 लोग लगे हैं।

वाइल्ड बोर्स नाम की यह फुटबॉल टीम गुफा में 23 जून से फंसी है। ये लोग अभ्यास के बाद वहां गए थे और भारी मानसूनी बारिश की वजह से गुफा में काफी पानी भर जाने के बाद वहां फंस गए। टीम के 12 खिलाड़ियों के साथ साथ उनके कोच भी गुफा में 23 जून से फंसे हैं।

अमेरिका, जापान, चीन और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि अमेरिका सभी बच्चों को सुरक्षित गुफा से निकालने में थाईलैंड सरकार के साथ काम कर रहा है,वो बहुत बहादुर लोग हैं।

कब क्या हुआ?

थाईलैंड के मे साई के अलग-अलग स्कूलों से आने वाले इन बच्चों की उम्र 11-16 साल के बीच है। वो वाइल्ड बोर नाम की एक लोकल टीम का हिस्सा हैं। 23 जून को एक फुटबॉल टीम के 12 युवा सदस्य और उनके कोच तब लापता हो गए जब वो प्रैक्टिस के लिए गए थे. प्रैक्टिस के दौरान ये लोग Tham Luang Nang Non नाम की गुफा देखने गए और भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से वो फंस गए।

इनमें से एक खिलाड़ी की मां ने बेटे के नहीं लौटने के बाद उनके खो जाने की शिकायत दर्ज कराई। तलाशी अभियान के दौरान खिलाड़ियों के साइकिल और जूते गुफा के बाहर मिले जिससे उनके अंदर होने का आंदज़ा लगाया गया और तलाशी अभियान शुरू किया गया। 23 जून को खोए बच्चों और कोच को थाई नेवी सील के सदस्यों और ब्रिटिश केव डाइविंग एक्सपर्ट्स ने 03 जुलाई को ढूंढ निकाला।

सभी बच्चे सही सलामत थे, लेकिन वो गुफा के बहुत भीतर चले गए थे जहां बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से उनका बाहर आना नामुमकिन था। गुफा के चार किलोमीटर भीतर उन्हें एक चट्टान के ऊपर पाया गया। थाई नेवी सील ने बच्चों को पाए जाने का एक वीडियो रिलीज़ किया जिसमें सभी बच्चे अपने फुटबॉल के यूनिफॉर्म में सही सलामत नज़र आए।

बताया गया कि बच्चे कमज़ोर हो गए हैं, लेकिन अभी भी वो अपने बूते चीज़ें करने की स्थिति में हैं। इनमें से किसी बच्चे को तैरना नहीं आता जिसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में बहुत मुश्किलें आ रही हैं। सबको खाना, कंबल और फर्स्ट एड किट मुहैया कराई गई है।

 

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