लाहौल-स्पीति में पायलट आधार पर शुरू होगी हाइड्रोपोनिक खेती : डॉ. मारकंडा

लाहौल-स्पीति में पायलट आधार पर शुरू होगी हाइड्रोपोनिक खेती : कृषि मंत्री

शिमला: कृषि, सूचना औद्योगिकी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा से सिरमौर हाइड्रोग्रीन्स के मालिक विक्रम सिंह व उनके साथ आए पैनल सदस्यों ने आज यहां सचिवालय में प्रदेश में बड़े पैमाने पर हाइड्रोपोनिक खेती शुरू करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

पैनल के साथ लम्बी चर्चा के उपरान्त कृषि मंत्री ने हिमाचल में बड़े पैमाने पर हाइड्रोपोनिक खेती शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम यह परियोजना पायलट आधार पर लाहौल व स्पीति में आरम्भ की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अगले एक माह के भीतर कृषि वैज्ञानिकों व निदेशक, कृषि के साथ हाइड्रोपोनिक खेती शुरू करने के लिए स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। साइट चयनित करने व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात इस परियोजना को आरम्भ कर दिया जाएगा। लाहौल-स्पीति में इस परियोजना की सफलता  के बाद धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य भागों में भी इस खेती को आरम्भ किया जाएगा। डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि इस खेती को प्रदेश में बड़े पैमाने पर आरम्भ करने और इसकी सफलता के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी ताकि सरकार का यह कदम प्रदेश को देश में हाइड्रोपोनिक खेती की राजधानी बनाने में एक मील का पत्थर साबित हो सके।

कृषि मंत्री ने कहा कि इस परियोजना की विशेषता यह है कि परियोजना के तहत खेती के लिए बहुत कम पानी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोपोनिक खेती केवल बहते पानी तथा नारियल के छिलके पर ही की जाती है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत खेती शुरू होने से न केवल कृषि के लिए पानी की अधिक निर्भरता में कमी होगी बल्कि प्रधानमंत्री के किसानों-बागवानों की आय को 2022 तक दोगुनी करने के सपने को भी साकार किया जा सकेगा।

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