उष्णकटिबंधीय फलों को उगाने के लिए 1688 करोड़ रुपये की बागवानी परियोजना को मंजूरी

उष्णकटिबंधीय फलों को उगाने के लिए 1688 करोड़ रुपये की बागवानी परियोजना को मंजूरी

  • कम समय में ही केंद्र सरकार से करीब 4378 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर करवाने में सरकार कामयाब: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सोमवार को राज्य सचिवालय के आर्म्सडेल सभागार में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हिमाचल में आम, लीची, नींबू प्रजाति आदि के उष्णकटिबंधीय फलों को उगाने के लिए 1688 करोड़ रुपये की बागवानी परियोजना को मंजूरी दे दी है।  उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के पांच महीनों के कम समय में ही केंद्र सरकार से करीब 4378 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर करवाने में सरकार कामयाब हुई है।

वहीं जयराम ने कहा कि एडीबी से वित्तपोषित हो रहे 1688 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति हिमाचल के बागवानों को बड़ा तोहफा है। 1900 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजना को भी वित्त मंत्रालय ने स्वीकृति दी है। इसके अलावा पेयजल की जीर्ण-शीर्ण योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए भी 798.19 करोड़ रुपये की परियोजना एडीबी को भेजने को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि अभी कई अन्य परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिन्हें मंजूरी मिलती रहेगी।

उष्णकटिबंधीय  जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए मंजूर हुई 1688 करोड़ रुपये की बागवानी परियोजना में राज्य का हिस्सा 20 फीसदी यानी 337.60 करोड़ रुपये का होगा। एडीबी से 1350.40 करोड़ रुपये का ऋण लिया जाएगा। इसमें पौध सामग्री पर 50 करोड़, पौध सामग्री की पैदावार पर 40 करोड़, सिंचाई पर 700 करोड़ रुपये, सोलर फेंसिंग तथा पंप पर 200 करोड़ रुपये, सीए स्टोर, प्रोसेसिंग यूनिट पर 230 करोड़ रुपये और खेतों के स्तर पर सिंचाई सुविधा को 120 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यानी सिंचाई पर ही 820 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से मंजूर 798.19 करोड़ रुपये के बजट से प्रदेश में एक जनवरी 2000 से पहले की निर्मित 1421 परियोजनाओं का संवर्द्धन और पुनर्निर्माण कर दुरुस्त किया जाएगा। इससे 6,831 बस्तियों में रहने वाले 16,33,865 लोगों को लाभ होगा। जलसंरक्षण से किसानों की आय को दोगुना करने के लिए भी 4751 करोड़ रुपये की एक योजना भारत सरकार को भेजी गई है।

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