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एमआईएस के तहत आम की खरीद को मंजूरी

  • योजना के तहत अंकुर प्रजाति के 300 मीट्रिक टन एवं कलमी प्रजाति के 200 मीट्रिक टन आम की खरीद
  • एचपीएमसी और हिमफैड के माध्यम से होगा फल खरीद का कार्य 

प्रदेश सरकार ने मण्डी मध्यस्थता (एमआईएस) योजना के तहत वर्ष 2015 के लिए बागवानों से प्रोसेसिंग ग्रेड के आम की खरीद का निर्णय लिया है। यह खरीद 34 फल प्रापण केन्द्रों के माध्यम से की जाएगी। यह योजना प्रथम जुलाई, 2015 से 15 अगस्त, 2015 तक जारी रहेगी। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि इस योजना के तहत अंकुर प्रजाति के 300 मीट्रिक टन एवं कलमी प्रजाति के 200 मीट्रिक टन आम की खरीद क्रमशः 5.50 रुपये एवं 6.50 रुपये प्रति किलो की दर से की जाएगी। फल खरीद का यह कार्य एचपीएमसी और हिमफैड के माध्यम से किया जाएगा। यह एजेंसियां 1.30 रुपये प्रति किलो की दर से रख-रखाव शुल्क की पात्र होंगी।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी अंकुर और कलमी प्रजाति के आम के विक्रय से क्रमशः 2000 व 3000 रुपये प्रति मीट्रिक टन औसतन आय का अनुमान है। प्रवक्ता ने कहा कि खरीद केन्द्रों को मांग आधार पर खोला जाएगा और इनका संचालन एचपीएमसी और हिमफैड अपने कर्मियों के माध्यम से करेंगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों/बागवानों से निर्धारित मात्रा से 2.5 प्रतिशत ज्यादा तक की खरीद की जाएगी ताकि प्रापण के दौरान होने वाली किसी भी क्षति की पूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि आम की खरीद केवल उन्हीं किसानों-बागवानों से की जाएगी, जिनके पास बागवानी कार्ड और 10 बीघा या इससे कम आम की खेती वाली जमीन होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ठेकेदारों से किसी तरह की खरीद नहीं की जाएगी।

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