भ्रामक बयानबाजी की बजाए भाजपा सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए: शर्मा व स्तान

शिमला: प्रदेश की राजनीति इन दिनों काफी गरमाई हुई है। पक्ष और विपक्ष इन दिनों आरोप और प्रत्यारोपों की राजनीति में लगे हैं राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा तथा एपीएमसी शिमला एवं किन्नौर के अध्यक्ष महेन्द्र स्तान ने कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के उस बयान, जिसमें उन्होंने विधानसभा भंगकर चुनाव करवाने की बात कही है, पर हैरानी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ताबड़तोड़ दौरों और राज्य में विकास की तेज रफ्तार से बौखलाकर धूमल राजनीतिक पैंठ बनाए रखने के लिये इस प्रकार की प्रतिक्रियां दे रहे हैं, जो हास्यास्पद है।

शर्मा तथा स्तान ने कहा कि धूमल को यह मालुम होना चाहिए कि कोई भी निर्वाचित सरकार पांच साल के लिए चुनी जाती है। राज्य की वर्तमान कांग्रेस सरकार को प्रदेश के लोगों ने पूर्ण बहुमत से चुना है और यह सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पांच वर्ष का अपना कार्यकाल पूरा करेगी, इस बात पर भाजपा नेता को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। जहां तक प्रदेश के विकास का प्रश्न है, हर क्षेत्र का समान एवं संतुलित विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। अनुभवी एवं दूरदृष्टा नेता वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के विकास को नई दिशा और तेजी प्रदान की है।

उन्होंने धूमल के वक्तव्य पर कि लोकतंत्र पक्ष और विपक्ष दोनों से चलता है पर अपनी प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार पक्ष की भूमिका बखूबी निभा रही है। लेकिन, प्रदेश के लोग भाजपा के नकारात्मक रवैये को जानते हैं। भाजपा किस प्रकार हर विधानसभा सत्र में प्रदेश व प्रदेशवासियों के विकास से सरोकार रखने वाले मुद्दों पर चर्चा से टलती रही और बहिष्कार करती रही। अब, भाजपा नेता राज्य सरकार की उपब्धियों से विचलित होकर सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को लम्बा राजनीतिक अनुभव है और प्रदेश की जनता को उनपर पूरा भरोसा है। प्रदेश सरकार जन कल्याण की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है और भाजपा को चाहिए कि वह भ्रामक बयानबाजी की बजाए सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने पांच दशकों से अधिक के राजनीतिक जीवन में हमेशा जाति, धर्म, सम्प्रदाय और क्षेत्रवाद की राजनीति का विरोध किया है। अपने राजनीतिक फायदे के लिए भाजपा मुख्यमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा तथा एपीएमसी शिमला एवं किन्नौर के अध्यक्ष महेन्द्र स्तान ने कहा कि भाजपा ने अपने कार्यकाल में प्रदेश में 149 स्कूल बन्द कर दिए थे, जिन्होने सत्ता में आते ही वर्तमान कांग्रेस सरकार ने बहाल किया। यही नहीं कांग्रेस सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में प्रदेश में 717 स्कूल खोले अथवा स्तरोन्नत किये हैं तथा ग्रामीण व दूरवर्ती क्षेत्रों में 14 नये महाविद्यालय खोले हैं। भाजपा नेताओं को कांग्रेस सरकार की दूर-दराज क्षेत्रों और विशेषकर लड़कियों को शिक्षा के समुचित अवसर उपलब्ध करवाने के लिये शिक्षण संस्थान खोलने की नीति रास नहीं आ रही, और वे इन्हें कोरी घोषणाओं की संज्ञा दे रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास का दूसरा नाम है और कांग्रेस सरकार विकास करने में विश्वास रखती है, न कि विकास का ढिंढोरा पिटने में। उन्होंने कहा कि धूमल विकास को खुली आंखों से देखें और हकीकत को अपनाना सीखें।

 

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