फोर-लेन परियोजनाओं के कार्य में लाई जाएगी तेजी :मुख्यमंत्री

फोर-लेन परियोजनाओं के कार्य में लाई जाएगी तेजी :मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री का फोरलेन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सड़क सुरक्षा प्रावधानों की पालना पर बल
  • शिमला में फोरलेन परियोजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात हिमाचल प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की फोर-लेन परियोजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर आज यहां सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के केन्द्रीय दल के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के अलावा राज्य में क्रियान्वित की जा रही फोर-लेन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए विशिष्ट सड़क सुरक्षा प्रावधानों की कड़ाई से पालना की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के कारण अपना व्यवसाय तथा आजीविका खोने वाले व्यक्तियों को समुचित मुआवजा प्रदान कर उन्हें उपयुक्त पुनर्वास सुनिश्चिित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों तथा संचार के सीमित साधनों के कारण राज्य में सड़कें आवागमन का मुख्य साधन हैं। केन्द्र सरकार ने राज्य के लिए 69 राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछली राज्य सरकार ने इन राष्ट्रीय राजमार्गों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कुछ भी कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछले चार महीनों के दौरान 53 राष्ट्रीय उच्च मार्गों के स्वीकृति पत्र जारी कर दिए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की दूरर्शिता के कारण देश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरूआत की गई। आज, राज्य की लगभग सभी पंचायतें सड़क से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की कुल 3226 पंचायतों में से केवल 100 पंचायतें ही शेष है जिन्हें सड़कों से जोड़ा जाना है और इन पंचायतों को सड़क सुविधा प्रदान करने का कार्य प्रगति पर है और शीघ्र ही इन्हें सड़कों से जोड़ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सभी फोर-लेन परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को कम से कम क्षति सहित निर्माण की गुणवत्ता को सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में एक मजबूत सड़क नेटवर्क पर्यटन क्षेत्र को विशेष तौर पर प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि सैलानियों तथा आम यात्रियों को लाभान्वित करने के लिए सभी प्रमुख फोर-लेन परियोजनाओं पर सड़क किनारे की सुविधाओं का सृजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों को चौड़ा करते समय ज़मीन से निकाले जाने वाले मलवे का उपयोग स्थानीय प्रशासन से विचार विमर्श कर जहां सम्भव हो आम जनमानस तथा शिक्षण संस्थानों के लिए मैदानों के विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा ग्रामीण सड़कों तथा रास्तों के लिए फोर-लेन से जुड़ाव के सम्बन्ध में विभिन्न हितधारकों के साथ विचार विमर्श के उपरान्त अन्तिम रूप दिया जाना चाहिए।

विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा पांच खण्डों में कार्यान्वित की जा रही किरतपुर-नेरचौक, कुल्लू-मनाली फोर-लेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू जिले के रायसन गांव के बाजार के साथ सड़क का निर्माण इस ढंग से किया जाना चाहिए ताकि भवनों तथा प्रस्तावित सड़क अथवा मार्गरेखा के बीच सुरक्षित दूरी हो। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की नीति के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर केंची मोड़ से लरोल मार्ग के विस्तारीकरण के शेष बचे कार्य को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस फोर-लेन परियोजना का पूरा स्ट्रैच वर्ष 2021 तक पूरा किया जाना है और इसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से राज्य में सैलानियों की सर्वाधिक आवाजाही है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पर्यटकों तथा आम यात्रियों को आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जय राम ठाकुर ने कहा कि ढलानों के संरक्षण, सड़क संकेतों तथा नालियों इत्यादि के लिए उपयुक्त पर्यावरण संरक्षण उपायों को क्रियान्वित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए, जहां आवश्यक हो धूल मिट्टी को रोकने के उपाए भी अपनाए जाने चाहिए।

परवाणु-शिमला, सोलन-कैथलीघाट तथा शिमला बाईपास फोरलेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए क्रियान्वयन एजेंसियों को हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के लिए मंत्रालय से हर सम्भव सहायता प्रदान कर रहें हैं।

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