फसल बीमा योजना के दायरे में फूलगोभी व बंदगोभी

फसल बीमा योजना के दायरे में फूलगोभी व बंदगोभी

शिमला: प्रदेश सरकार ने अदरक, मटर, टमाटर और आलू के बाद दो और फसलों को मौसम आधारित फसल बीमा योजना के दायरे में लाने का फैसला लिया है। हिमाचल में अब खरीफ सीजन में फूलगोभी और बंदगोभी की फसलों का भी बीमा होगा। खरीफ फसल के लिए संशोधित मौसम आधारित फसल बीमा योजना-2018 की अधिसूचना जारी हुई है। इसमें फूलगोभी की फसल के लिए शिमला जिले के केवल एक ब्लॉक ठियोग को लिया गया है।

बंदगोभी का बीमा ठियोग ब्लॉक और कुल्लू जिले के पांच ब्लॉकों निरमंड, आनी, कुल्लू, नग्गर और बंजार में होगा। अधिसूचना के मुताबिक एक हेक्टेयर यानी साढे़ 12 बीघा में फूलगोभी और बंदगोभी की फसल को बारिश, सूखा, गर्मी, ओलावृष्टि आदि से नुकसान होता है तो किसान बीमे का दावा कर नुकसान की भरपाई कर सकेंगे। प्रत्येक किसान को अधिकतम 75 हजार रुपये का बीमा लाभ मिलेगा। योजना में पिछले साल तक केवल अदरक, मटर, टमाटर और आलू की फसलें ही कवर थीं, मगर अब फूलगोभी तथा बंदगोभी भी कवर होंगी। हालांकि, सभी छहों फसलों के लिए ये स्कीम चिन्हित ब्लॉकों में ही लागू की गई है।

राज्य कृषि विभाग ने बंदगोभी और फूलगोभी के बीमे का काम एसबीआई जीआईसी कंपनी को दिया है। कंपनी ने प्रीमियम की दर 8 फीसदी तय की है। किसानों को 5 फीसदी प्रीमियम ही जमा करना होगा। डेढ़-डेढ़ फीसदी प्रीमियम दरें केंद्र और राज्य सरकारें देंगी।

अगर किसान ने एक हेक्टेयर क्षेत्र में बंदगोभी या फूलगोभी लगाई है तो उसे एक हेक्टेयर में फसल के 75000 रुपये के बीमे के लिए 3750 रुपये प्रीमियम देना होगा। यानी प्रति बीघा 300 रुपये का प्रीमियम देकर बीमा करना होगा। बीमा प्रस्ताव 15 जून 2018 तक देने होंगे। ऋणी किसानों के लिए बीमा जरूरी किया गया है। गैर ऋणी किसानों के लिए ऐच्छिक रहेगा। बीमा प्रस्ताव किसी भी नजदीकी बैंक के माध्यम से पेश किए जा सकते हैं या समीप के कृषि या बीमा कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। बीमा कवर की अवधि 16 जून से 15 सितंबर के बीच की होगी।

इससे पहले आलू की फसल को कांगड़ा जिले का कोई भी ब्लॉक अधिसूचित नहीं हुआ था। इस बार बैजनाथ ब्लॉक को शामिल किया गया है। यहां एक हेक्टेयर में आलू फसल के बीमे के लिए किसान को 2932.50 रुपये का प्रीमियम देना होगा। इतने ही क्षेत्र में फसल चौपट होने पर 75000 रुपये का बीमा लाभ मिलेगा। बीमा प्रस्ताव 31 मई तक तक देने होंगे। अभी तक आलू का बीमा भी 7 जिलों के 30 ब्लॉकों में होता रहा है। अब बैजनाथ ब्लॉक भी इनमें शामिल किया है।

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