"शूलिनी विश्वविद्यालय" शीर्ष 5 निजी यूनिवर्सिटीज में शामिल

“शूलिनी विश्वविद्यालय” शीर्ष 5 निजी यूनिवर्सिटीज में शामिल

  • शूलिनी विवि की उच्च शिक्षा के लगभग 4500 संस्थानों में से शीर्ष 101.150 बैंड में स्थिति बरकरार
  • मुझे यह बताने में बहुत खुशी है कि शूलिनी विवि उत्तरी क्षेत्र के शीर्ष पांच निजी विश्वविद्यालयों में से एक: प्रो. खोसला
  • शोध उपलब्धियां पहले से ही देश के दस सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के औसत से बेहतर
शूलिनी विवि की उच्च शिक्षा के लगभग 4500 संस्थानों में से शीर्ष 101.150 बैंड में स्थिति बरकरार

शूलिनी विवि की उच्च शिक्षा के लगभग 4500 संस्थानों में से शीर्ष 101.150 बैंड में स्थिति बरकरार

शिमला : शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय एचआरडी द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) द्वारा दी गई रैकिंग के अनुसार उत्तर भारत के पांच शीर्ष निजी शूलिनी यूनिवर्सिटीज में से एक है। एनआईआरएफ रैकिंग भारतीय संस्थानों के लिए सबसे प्रामाणिक रैकिंग सिस्टम के रूप में उभरी है जोकि पिछले तीन वर्षों से हर साल एमएचआरडी द्वारा जारी की जाती है। एनआईआरएफ रैकिंग निर्धारित करने के लिए पांच पैरामीटर का उपयोग किया जाता है जिनमें टीचिंग एंड लर्निंग रिसोर्सेज (टीएलआर), रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस (आरपीसी), ग्रेजुएशन आउटकम-(जीओ), आएटरीच इनक्लूसिविटी (ओआई), और परसेप्शन शामिल हैं। सभी प्रतिभागियों ने पूरे देश के विश्वविद्यालयों से उपरोक्त पांच मापदंडों के आधार पर अपना डेटा जमा किए हैं जिसे एनआईआरएफ द्वारा सत्यापित किया गया है और उसके आधार पर रैंकिंग निर्धारित की गई है। यह जानकारी आज शिमला में शूलिनी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। इसने देश में उच्च शिक्षा के लगभग 4500 संस्थानों में से शीर्ष 101.150 बैंड में अपनी स्थिति बरकरार रखी है, बल्कि एमबीए में 51.75 बैंड में एक प्रमुख जगह प्राप्त की है और 30वीं रैंक प्राप्त करके फार्मेसी में अपने प्रदर्शन में सुधार किया है।

शूलिनी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि मुझे यह बताने में बहुत खुशी है कि शूलिनी विश्वविद्यालय उत्तरी क्षेत्र के शीर्ष पांच निजी विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और जम्मू-कश्मीर राज्य शामिल है। उन्होंने कहा कि शूलिनी की शोध उपलब्धियां पहले से ही देश के दस सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के औसत से बेहतर हैं। मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि हम इस क्षेत्र में कुछ प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं जो कि शूलिनी की स्थापना से भी पहले ही काफी अधिक समय पहले ही स्थापित हो चुके हैं।

शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाण, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश शामिल उत्तरी क्षेत्र के चार निजी विश्वविद्यालयों में से तीन यूपी में और एक पंजाब थापर यूनिवसिर्टी, पटियाला में स्थित है। एनआईएआरएफ के आंकड़ों के मुकाबले एक और दिलचस्प और महत्वपूर्ण आंकड़ा यह कि 101 निजी विश्वविद्यालयों में से केवल 10 उत्तर भारत से हैं और शूलिनी यूनिवर्सिटी भी उनमें से एक है। शूलिनी यूनिवर्सिटो ने रैकिंग के लिए केवल तीन श्रेणियों:- ओवरऑल, मैनेजमेंट ओर फार्मेसी में आवेदन किया था और सभी तीन श्रेणियों में अच्छा प्रदर्शन किया है। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज ने लगातार अच्छा प्रर्दशन किया है और पूरे देश में एक हजार से ज्यादा फार्मा स्कूलों में 30वीं रैंक हासिल करने में सफल रहा है। इसने 9 स्थानों पर अपनी स्थिति बढ़ाई है और पिछले साल 39वें स्थान से इस साल 30वीं रैंक पर आ गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट ने पहली बार रैकिंग के लिए ओवदन किया और देश भर से 487 प्रबंधन स्कूलों के साथ प्रतिस्पर्धा की और देश में शीर्ष प्रबंधन स्कूलों के 51.75 रैंक बैंड में स्थान हासिल किया। यह क्षेत्र के अग्रणी बिजनेस स्कूलों में से एक के रूप में उभरा है और राज्य में किसी के नीचे नहीं रखा गया है।

  • शूलिनी यूनिवर्सिटी इस वर्ष एनआईएआरएफ रैंकिंग में शीर्ष 150 संस्थानों में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल: विशाल आनंद 

विवि के वित्त निदेशक विशाल आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की एकमात्र यूनिवर्सिटी, जिसे शूलिनी यूनिवर्सिटी से उच्च रैंकिंग मिली है। वह डॉ.वाई. एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री नौनी यूनिवर्सिटी, सोलन है जोकि अखिल भारतीय स्तर पर भी यूनिवर्सिटीज में 71वां रैंक हासिल करने में सफल रही है। एक ही रैंक बैंड में शूलिनी के साथ मौजूद रही कई निजी यूनिवर्सिटीज ने इस वर्ष बीते साल के मुकाबले कम रैंकिंग प्राप्त की है। वहीं शूलिनी यूनिवर्सिटी इस वर्ष एनआईएआरएफ रैंकिंग में शीर्ष 150 संस्थानों में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रही है।

 

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