देश की विश्वविद्यालय रैंकिंग में 71वें स्थान पर नौणी विवि

देश की विश्वविद्यालय रैंकिंग में 71वें स्थान पर नौणी विवि

  • कुलपति डा. एचसी शर्मा ने संकाय,छात्रों व कर्मचारियों को दी बधाई
  • कुलपति ने किया संकाय,छात्रों और कर्मचारियों से अगले साल के लिए अधिक परिश्रम करने का आग्रह
  • : ताकि विश्वविद्यालय के नाम देश के शीर्ष 25 संस्थानों में शामिल हो सके
  • नौणी विश्वविद्यालय केवल ॰22 अंकों से शीर्ष 100 संस्थानों में अपनी जगह बनाने से चूका

नौणी : डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा कारवाई गई नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2018 में देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह बनाने में कामयाब हुआ है। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, नौणी विश्वविद्यालय देश भर के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में 71वें स्थान पर रहा और देश में उच्च शिक्षा के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में खुद को स्थापित किया है। इस रैंकिंग में नौणी विवि राज्य का एकमात्र संस्थान है जो भारत के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में आया है।

एनआईआरएफ द्वारा की गई रैंकिंग को बीते दिनों मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा विज्ञान भवन में जारी किया गया। विश्वविद्यालयों की शीर्ष 100 की श्रेणी में हिमाचल प्रदेश का एकमात्र विश्वविद्यालय है। समग्र (overall) श्रेणी में नौणी विश्वविद्यालय केवल ॰22 अंकों से शीर्ष 100 संस्थानों में अपनी जगह बनाने से चूक गया।

इस वर्ष मंत्रालय ने समग्र,विश्वविद्यालयों,इंजीनियरिंग,कॉलेज,फार्मेसी और प्रबंधन के संस्थानों के लिए रैंकिंग की। इस साल तीन नई श्रेणियां जोड़ी गई- मेडिकल,आर्किटेक्चर और लॉ। संस्थानों को टीचिंग,लर्निंग और रिसोर्सेज, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस,ग्रेजुएशन आउटकम,आउटरीच और इंकलूसीविटी जैसे मापदंडों पर परखा गया।

इस साल समग्र और विश्वविद्यालयों की श्रेणियों में भारतीय विज्ञान संस्थान,बैंग्लोर ने बाज़ी मारी। इस संस्थान में 430 संकाय और कुल वार्षिक व्यय 525 करोड़ रुपये है। इसकी तुलना में नौणी विवि में 218 संकाय और कुल 124 करोड़ का वार्षिक ऑपरेटिंग बजट है। रिसर्च के लिए नौणी विवि अनुसंधान परियोजनाओं के माध्यम से आईसीएआर, डीबीटी, डीएसटी,एचपीएसटीसी आदि जैसी वित्तीय पोषण एजेंसियों से पैसा लाती है। इन रैंकिंग से विश्वविद्यालय के लिए जो उत्साहजनक बात उभर के आई है वो यह रही कि टीचिंग,लर्निंग और रिसोर्सेज मापदंड में नौणी विवि, विश्वविद्यालयों की सूची में 24वें स्थान पर रहा। इस मापदंड में विद्यार्थी जिसमें पीएचडी छात्रों की संख्या,संकाय-छात्र अनुपात, वित्तीय संसाधन और उनके उपयोग शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने संकाय-छात्र अनुपात और महिला विविधता (महिलाओं का प्रतिशत) में पूरे अंक पाए हैं। विश्वविद्यालय ने संकाय योग्यता और अनुभव और विश्वविद्यालय परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।

विश्वविद्यालय ने पिछली बार के मुक़ाबले इस साल अपने स्कोर को 39.54 से बढ़ाकर 40.30 करने में कामयाब रहा। शीर्ष 100 विश्वविद्यालय में सिर्फ 11 ही बागवानी, कृषि और पशु चिकित्सा से संबन्धित हैं। इन विश्वविद्यालयों में नौणी 7वें पायदान पर है।

कुलपति डा. एचसी शर्मा ने इस मौके पर संकाय,छात्रों और कर्मचारियों को बधाई दी और उन्हें अगले साल के लिए अधिक परिश्रम करने का आग्रह किया ताकि विश्वविद्यालय के नाम देश के शीर्ष 25 संस्थानों में शामिल हो सके। डा॰ शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय बारीकी से रिपोर्ट का अध्ययन करेगा और उन मापदंडों पर काम करेगा जहां विश्वविद्यालय अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है ताकि भविष्य में विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार किया जा सके।

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