नौणी विवि राज्य के किसानों की कृषि व बागवानी सम्बंधित ट्रेनिंग के लिए अग्रणी, करीब 11 हजार से अधिक किसान लाभान्वित

नौणी विवि राज्य के किसानों की कृषि व बागवानी सम्बंधित ट्रेनिंग के लिए अग्रणी, करीब 11 हजार से अधिक किसान लाभान्वित

  • नौणी विवि के विस्तार शिक्षा निदेशालय ने किया बेहतरीन कार्य, पिछले एक साल में करवाए 247 प्रशिक्षण शिविर
  • प्रायोजित प्रशिक्षण से 50 लाख रुपये की आय

 नौणी : पिछले कई वर्षों से डा॰ वाई एस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के विस्तार शिक्षा निदेशालय को राज्य के किसानों की कृषि और बागवानी सम्बंधित ट्रेनिंग के लिए अग्रणी कार्य करने के लिए जाना जाता है।  इसी कड़ी को जारी रखते हुए पिछले वित्तीय वर्ष में निदेशालय ने किसानों को प्रशिक्षण देने के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। निदेशालय ने 242 कार्य दिवसों में 247 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए, जिससे 11000 से अधिक किसान सीधे तरीके से लाभान्वित हुए हैं। इन प्रशिक्षणों में से 86 नौणी स्थित निदेशालय के मुख्यालय में आयोजित किए गए,जबकि शेष विभिन्न जिलों में स्थित विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान प्रशिक्षण केंद्रों में आयोजित किए गए। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम एक दिन से लेकर एक माह तक की अवधि के रहे।

निदेशालय ने इन प्रायोजित प्रशिक्षण से 50 लाख रुपये से अधिक की कमाई करके विश्वविद्यालय को दी। निदेशालय न केवल हिमाचल के किसानों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पूर्ति की, बल्कि सिक्किम, उत्तराखंड, राजस्थान और जम्मू और कश्मीर के किसानों ने भी यहाँ से प्रशिक्षण लिया। इन प्रशिक्षणों में सब्जी, फलों, मशरूम, फूलों की खेती,  औषधीय पौधों, मधुमक्खी पालन, पोस्ट हार्वेर्स्ट टेक्नालजी आदि संबंधित विषयों के सभी पहलुओं को शामिल किया गया और नवीनतम तकनिक के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और विस्तार शिक्षा कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए नौणी विवि के विस्तार शिक्षा निदेशक डा॰ विजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसानों के कृषि और बागवानी सम्बंधित आवश्यकताओं पर प्रशिक्षण प्रदान करने का हम निरंतर प्रयत्न करते रहते हैं। इस मामले में हम काफी सफल रहें हैं और राज्य के सभी जिलों के किसानों तक पहुँचकर उनकों फसल सम्बंधित जानकारी उपलब्ध कारवाई है।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के अतिरिक्त निदेशालय ने 57 एक्सपोजर टूर भी आयोजित किए,176 किसानों की समस्याओं को कॉल सेंटर के माध्यम से हल किया गया तथा कूरियर सेवा और रेडियो टॉक से भी किसान तक पहुंचे। निदेशालय और विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों ने राष्ट्रीय महिला किसान दिवस, पोषण दिवस, कृषि उन्नीती दिवस जैसे विभिन्न राष्ट्रीय आयोजन अपने-अपने स्तर पर भी करवाए और समय समय पर विभिन्न स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देने में मदद की। इस दौरान विभिन्न विषयों पर 36 तकनीकी पुस्तकें भी निदेशालय द्वारा प्रकाशित की गईं और प्रतिभागियों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में वितरित की गईं।

डा॰ ठाकुर ने बताया कि इस साल के आंकड़े आने वाले वर्षों के लिए आधार रेखा के रूप में कार्य करेंगे। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने आने वाले समय में इन आंकड़ों को और बेहतर करने की तैयारी में जुट गए हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस उपलब्धि पर विस्तार शिक्षा निदेशालय को बधाई दी।

पिछले एक साल में सिरमौर और सोलन जिलों के क्रमश: सरसू और धारों की धार गाँवों में दो बड़े किसान मेले का भी आयोजन किया गया है जहां कई पंचायतों के किसानों को विभिन्न कृषि गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके अलावा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के ‘किसान पहले’ प्रोग्राम के तहत हाल ही में मंडी के करसोग में एक राज्य स्थरीय किसान मेले का आयोजन किया गया जिसमें 500 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसान-वैज्ञानिक परिचर्चा हुई और मृदा हेल्थ कार्ड आदि जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

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