नेपाल में आया शक्तिशाली भूकंप, 7.4 मापी गई तीव्रता

नेपाल में आया शक्तिशाली भूकंप, 7.4 मापी गई तीव्रता

  • नेपाल में आया शक्तिशाली भूकंप, 7.4 मापी गई तीव्रता
  • केंद्र काठमांडो के पूर्व में 18.5 किलोमीटर की गहराई पर था
  • नेपाल में शक्तिशाली भूकंप; 19 लोगों की मौत, 900 से ज्यादा घायल
  • भारत में भी 8 लोगों की गई जान
  • भूकंप का प्रभाव बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरो में 
  • पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में इसके झटके किए गए महसूस
  • 25 अप्रैल को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर  गई 7.9 मापी 

काठमांडो: दो सप्ताह पूर्व आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही के बाद उबरने की कोशिश में लगे नेपाल में आज फिर शक्तिशाली भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.4 मापी गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि अपराह्न 12 बजकर 35 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.4 मापी गई। इसका केंद्र काठमांडो के पूर्व में 18.5 किलोमीटर की गहराई पर था।

भूकंप का प्रभाव बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरो में पड़ा और पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में इसके झटके महसूस किए गए। चीन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

भूकंप के बाद राजधानी काठमांडो में लोग अपने घरों से बाहर की ओर भागे। नेपाल में 25 अप्रैल को आए 7.9 की तीव्रता वाले भूकंप में 8000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई मकान एवं इमारतें ढह गईं थीं।

नई दिल्ली : दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर भारत के कई हिस्सों में आज भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र नेपाल में था और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई। इलाके में लगभग तीन सप्ताह पहले भी विनाशकारी भूकंप आया था। भूकंप से नेपाल में अबतक 19 लोगों की मौत हो गई है और 900 से ज्यादा लोग घायल हो गए है। दूसरी तरफ भारत में भी भूकंप की वजह से 8 लोगों की मौत हुई है।

गृहमंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि भारत में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए हैं। एक का केंद्र नेपाल (रिएक्टर स्केल पर 7.1) में और दूसरे का अफगानिस्तान (रिएक्टर स्केल पर 6.9) में था।

आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, ‘ भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई जिसका केंद्र नेपाल में था।’ अपराह्न करीब 12 बजकर 35 मिनट पर भूकंप आने के बाद दिल्ली में लोगों को घबराहट में इमारतों से भागते देखा गया। भूकंप आने के तत्काल बाद मेट्रो ट्रेन की गति धीमी कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कई इलाकों में उंची इमारतों को खाली कराया जा रहा है। राजस्थान में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये ।

भूकंप करीब एक मिनट तक महसूस किया गया। कोलकाता में बड़ी संख्या में लोग अपने अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल कर सड़कों पर जमा हो गए। बिहार की राजधानी पटना में भी लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल कर खुली जगहों पर आते दिखे। भूकंप के झटके चेन्नई में भी महसूस किए गए।

भूकंप के तुरंत बाद दिल्ली सचिवालय सहित कई सरकारी इमारतों को खाली करा लिया गया। दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है। नुकसान के आकलन के लिए सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में तैनात किया गया है।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने भी सभी जिलाधीशों से संबंधित इलाकों से रिपोर्ट मांगी है। 25 अप्रैल को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.9 मापी गई थी जिसमें नेपाल में 8,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। भूकंप के कारण भारत में करीब 80 लोगों की मौत हुई थी जिसमें अधिकतर बिहार से थे।

इस बीच, राजस्थान में भूकम्प के हल्के झटके महसूस किए गए। अधिकारिक सूत्रों ने भूकम्प के झटके की पुष्टि की है लेकिन इस संबंध में कुछ और बताने से इंकार किया है। वहीं उत्तर प्रदेश में करीब 17 दिन बाद राजधानी लखनउ समेत राज्य के अनेक हिस्सों में आज फिर भूकम्प के झटके महसूस किए गए। हालांकि भूकम्प से जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है।

भूकंप से थर्राया उत्तर भारत

मौसम विभाग के मुताबिक, अपराहन करीब 12 बजकर 40 मिनट और एक बजकर 10 मिनट पर लखनउ, कानपुर, संतकबीरनगर, फैजाबाद, बहराइच, बलिया, महाराजगंज, कुशीनगर, अमेठी, उन्नाव, एटा तथा बाराबंकी समेत कई जिलों में भूकम्प के झटके महसूस किये गये। पहला झटका करीब 45 सेकेंड तक रहा जबकि दूसरी बार यह कुछ सेकेंड ही रहा। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कई बार आए भूकम्प की वजह से समूचे प्रदेश में भय और अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और घबराए लोग अपने-अपने घरों, दफ्तरों तथा दुकानों से बाहर निकल आए।

भूकम्प से प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में भी अफरातफरी और घबराहट का माहौल पैदा हो गया। जलजले के कारण टेलीफोन और इंटरनेट समेत दूरसंचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है। गौरतलब है कि गत 25 और 26 अप्रैल को भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भूकम्प के झटके महसूस किये गये थे। इसके कारण हुए हादसों में कम से कम 17 लोग मारे गये थे।

असम में भी आज दोपहर करीब 12 बजकर 35 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसकी रिक्टर पैमाने तीव्रता 7.3 मापी गई। शिलांग स्थित केंद्रीय भूकंपमापी वेधशाला के मुताबिक, भूकंप का केंद्र नेपाल में था और इसकी गहराई 27.6 डिग्री उत्तरी तथा 86.6 डिग्री पूर्व अक्षांश में जमीन से 18 किलोमीटर भीतर थी।

वहीं झारखंड के कई हिस्सों में आज भूकंप का झटका महसूस किया गया हालांकि इससे अब तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप राज्य की राजधानी रांची सहित दुमका, गिरिडीह और अन्य हिस्सों में दोपहर करीब 12 बजकर 35 मिनट पर महसूस किया गया। पश्चिम बंगाल भी आज भूकंप के झटकों से हिल उठा जिसके कारण लोगों में दहशत फैल गई।

कोलकाता मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी डी. के. दास ने बताया, ‘भूकंप का केंद्र नेपाल में था और इसका असर शहर और पूर्वी क्षेत्र के अन्य हिस्सों में महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1-7.2 मापी गई। हम इस संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’ भूकंप शहर के कई इलाकों खासकर लेक टाउन, सॉल्ट लेक, डलहॉजी और पार्क स्ट्रीट इलाके में महसूस किया गया। लोग मेट्रो स्टेशनों और उंची इमारतों से निकलकर बाहर आ गए।

वहीं आज दोपहर में आए भूकंप के झटके बिहार में भी महसूस किये गये जिससे लोग दहशत में आ गये । मौसम विभाग के मुताबिक, भूकंप दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर महसूस किया गया, जिसका केंद्र नेपाल में था। आरंभिक रिपोर्ट के अनुसार भूकंप राज्य के दरभंगा, पूर्वी चंपारण और किशनगंज सहित कई हिस्सों में महसूस किया गया।

इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों से नहीं डरने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत में भूकंप से किसी तरह के नुकसान के बारे में गृह मंत्रालय विवरण और सूचनाएं इकट्ठा कर रहा है।

भूकंप से लोग दहशत में आ गए और राजधानी पटना में लोग घरों से निकलकर खुली जगह पर आ गए और कई स्कूलों में बच्चे सुरक्षित खुली जगहों पर आ गए। इधर, अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में आए शक्तिशाली भूकंप का असर चेन्नई में भी रहा, शहर के कई हिस्सों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। उन्होंने बताया कि भूकंप के झटके वलासरावक्कम, संथोम और कोडाबक्कम के कई हिस्सों में महसूस किए गए।

क्षेत्रीय मौसम केंद्र की भूकंप मापी इकाई ने यहां बताया कि नेपाल में आए भूकंप के कारण यहां भूकंप के झटके महसूस हुए। पुलिस ने बताया कि लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थान पर आ गए। किसी भी तरह के जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है। इसके अलावा भूकंप के झटके देश में ओड़िशा, उत्तराखंड, गुजरात सहित अन्य राज्यों में महसूस किए गए।

 

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