मुख्यमन्त्री ने किया विधानसभा में वर्ष 2017-18 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत

मुख्यमन्त्री ने किया विधानसभा में वर्ष 2017-18 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत

शिमला:  प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2017-18 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया। यह आर्थिक सर्वेक्षण मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर दवारा प्रस्तुत किया गया। मुख्य बिंदु:

  • चालू वित्तीय वर्ष, 2017-18 में राज्य की अर्थ-व्यवस्था में 6.3 प्रतिशत विकास दर का अनुमान है तथा प्रति व्यक्ति आय 1,58,462 आंकी गई है।
  • वर्ष 2016-17 में, राज्य का सकल घरेलु उत्पाद 1,13,355 करोड़ वर्ष 2015-16 से  बढ़कर ृ1,24,236 करोड़ हो गया तथा अगामी अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2017-18 में राज्य का सकल घरेलु उत्पाद ृ1,35,914 करोड़  होने की सम्भावंना है।
  • राज्य की विकास दर पिछले तीन वर्षो से राष्ट्रीय विकास दर से कम है।
  • प्रदेश में, 30.09.2017 तक 2,144 बैंक शाखाएं कार्यरत है।
  • प्रदेश में जमा उधार अनुपात 44.60 हैं।
  • राष्ट्रीय प्रति शाखा जनसंख्या औसत 11,000 की तुलना में राज्य की 3,202 है।
  • दिसम्बर, 2017 तक 4,613.15 करोड़ का राजस्व जुटाया गया।
  • दिसम्बर, 2016 से दिसम्बर, 2017 के दौरान अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांको में मुद्रा स्फीति की दर 3.6 प्रतिशत दर्शाई गई है।
  • दिसम्बर, 2017 के दौरान राष्ट्र्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि रही।
  • प्रदेश में 18,38,036 राशन कार्ड धारकों को 4,922 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
  • राज्य में 152 गैस कम्पनीयां, 386 पैट्रोल पम्प तथा 25 थोक मिठ्ठी के तेल विक्रेता कार्य कर रहे हैं।
  • प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में कृषि क्षे़त्र का भाग लगभग 10 प्रतिशत है।  
  • बैंको द्वारा 43 प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड कृषकों को वितरित किए गए।
  • वर्ष 2015-16 में खाद्यानों का उत्पादन 16.34 लाख मीट्रिक टन की तुलना में वर्ष 2016-17 में प्रत्याशित खाद्यानों का उत्पादन 17.45 लाख मीट्रिक टन हुआ,  जिससे 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2017-18 में 16.45 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य है।
  • 1वर्ष 2017-18 ;दिसम्बर, 2017 तकद्ध में फल उत्पादन 5.00 लाख टन हुआ जो वर्ष 2016-17 में  6.12 लाख टन आंका गया। कुल फल उत्पादन में से सेब का भाग लगभग 85 प्रतिशत है। वर्ष, 2017-18 में ;दिसम्बर, 2017 तकद्ध, 4.28 लाख टन सेब का उत्पादन हुआ जब कि वर्ष 2016-17 में सेब का उत्पादन 4.68 लाख टन था।
  • मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अन्तर्गत सेब के 36 खण्डों, आम के 41 खण्डों, किन्नू के 15 खण्डों, पलम के 13 खण्डों तथा आड़ू के 5 खण्डों को शामिल किया गया है।
  • वर्ष 2016-17 में, एक राज्य स्तरीय चिकित्सालय, एक आंचलिक चिकित्सालय 397 पशु चिकित्सालय, 1,772 पशु औषधालय 30 केन्द्रीय पशु औषधालय, 9 पोलीक्लीनिक तथा 6 पशु चिकित्सा चौकियां है जो राज्य में पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाते हैं।
  • भेड़ पालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले रैम 60 प्रतिशत के अनुदान पर प्रदान किये जा रहे है।
  • 1.04.2017 से दूध के खरीद मूल्य में ृ1.00 प्रति लीटर की बढौतरी की गई है जिस से 42,350 परिवार लाभान्वित होगें।
  • राज्य के लगभग 6,098 मछुआरे प्रत्यक्ष रूप से मत्स्य पालन से अपनी आजीवीका चलाते हैं।
  • मार्च, 2017 तक 35,668 हैंडपम्प लगाए गए।
  • प्रदेश में, इस समय 622 मध्यम व बडे़ उद्योग तथा लगभग 45,597 लघु पैमाने की इकाईयां कार्यरत है।
  • अकुशल श्रेणी के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी ृ200 प्रतिदिन से बढा कर ृ210 प्रतिदिन कर दी गई है।
  • राज्य के रोजगार पंजीकृत कार्यालयों में 31.12.2017 तक 8,34,714 बेरोजगार पंजीकृत किए गए।
  • प्रदेश में 27,436 मैगावाट अनुमानित विद्युत क्षमता  का 10,519 मैगावाट का विभिन्न अभिकरणों द्वारा दिसम्बर 2017 तक दोहन कर लिया गया है जो कि कुल क्षमता का 38.34 प्रतिशत है।
  • हिमाचल प्रदेश में 31.12.2017 तक 37,158 किलोमीटर सड़कों की लम्बाई है तथा 10,241 गांव सड़कां से जोडे़ गए। 
  • हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेडे में 3,254 बसें, 2,693 मार्गो पर प्रतिदिन 6.14 लाख कि.मी. की दूरी तय कर रही है। 
  • प्रदेश  में 63 हैलीपैड परिचालन में है।
  • वर्ष 2017 में प्रदेश में 196.02 लाख पर्यटकों ने आगमन किया। जो कि राज्य की जनसंख्या का 2.9 गुणा है।
  • वर्ष के दौरान, प्रदेश में 10,751 प्राथमिक पाठशालाएं, 2,103 माध्यमिक पाठशालाएं, 922 उच्च पाठशालाए, 1,836 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं तथा 137 महाविद्यालय कार्यरत है।
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा बी.पी.एल. के परिवारों के विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार निःशुल्क पाठय पुस्तकें उपलब्ध करवा रही है।
  • प्रदेश में विश्वद्यिलय स्तर तक लड़कियों को मुुफ्त शिक्षा प्रदान की जा रही है जिसमें व्यावसायिक तथा पेशेवर पाठ्यक्रम भी सम्मिलित हैं।
  • सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे है।
  • पुरूष एंव महिला की सारक्षता दर की कमी को पूरा करने के लिए शैक्षिक रूप से पिछड़े खण्डों में कन्या छात्रावासों का निर्माण किया गया है।
  • 10वीं तथा 12वीं कक्षा के 10,260 मेधावी विद्यार्थियों को नेटबुक्स प्रदान किए गए है।
  • तकनीकी शिक्षा में डिग्री स्तर में 4,070, बी फार्मेसी में, 858 डिप्लोमा स्तर में, 7,837 तथा आई.टी.आई./आई.टी.सी.में 47,784 विद्यार्थियों की प्रवेश क्षमता है।
  • प्रदेश में वर्ष के दौरान, 85 चिकित्सालयों, 91 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 577 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 16 ई.एस.आई. तथा 2,085 उपकेन्द्रो के माध्यम से स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण सेवाएं प्रदान की जा रही है तथा अन्य निजी संस्थाएं भी सेवाएं प्रदान कर रही है।
  • वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदेश में 2 क्षेत्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों, 31 चिकित्सालयों, तथा 1,175 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्रो, 3 युनानी स्वास्थ्य केन्द्र तथा 14 होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा प्रदान की जा रहीं हैं।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन  के  अन्तर्गत 95  स्वास्थ्य  संस्थानों  द्वारा 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्धारित की गई।
  • सामाजिक सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 60 वर्ष से ऊपर परन्तु 80 वर्ष से कम व्यक्तियों के लिए जिनकी वार्षिक आय 35,000 से कम है को ृ700 प्रतिमाह की दर से पैंशन प्रदान की जा रही है तथा 80 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को ृ1,250 प्रतिमाह की दर से पैंशन बिना किसी आय मापदण्ड के दी जा रही है। 
  • मुख्य मन्त्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत बेसहारा लड़कियों के अभिभावकों को ृ40,000 विवाह अनुदान दिया जा रहा है तथा 691 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया।
  • बेटी है अनमोल योजना के अन्तर्गत 16,908 बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण  आजीविका  मिशन के अंतर्गत 3,280 महिला स्वयं सहायता समूहों को सहायता उपलब्ध करवाई गई।
  • लाल बहादुर शास्त्री कामगार एवं शहरी आजिविका योजना के अर्न्तगत 1.50 करोड़ आवंटित किए गए।
  • स्वच्छ भारत मिशन योजना को प्रदेश 12 जिलों में परियोजना विधि पर चलाया जा रहा है तथा हिमाचल स्वच्छता के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में माना जाता है। 
  • महात्मा गॉधी राष्ट्र्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत 156.54 लाख कार्य  दिवस सृजित किए गए एंव 4,32,005 परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया।
  • राष्ट्र्रीय शहरी आजिविका मिशन के अन्तर्गत 260 स्वंय सहायता समूह बनाए गये व 160 लाभार्थियों को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया गया।
  • राजीव आवास योजना के अर्न्तगत राज्य में 846 आवास इकाईयों का निर्माण किया जायेगा।
  • 2017 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार आधार योजना के अर्न्तगत 75.73 लाख से अधिक निवासियों के आधार कार्ड बनाए गए है।
  • प्रदेश में  बेहतर व यथासमय सेवा के लिए सेवा अधिनियम  के अन्तर्गत 25 विभागों में 183 सेवाओं को लागू किया गया।
  • राज्य की जनता के लिए लोक सेवा हेल्पलाइन स्थापित की गई।
  • 52.8 प्रतिशत की अतिरिक्त अंतरिम राहत सरकारी कर्मचारियों तथा पैंशनरों को 01.01.2016 से प्रदान की गई है।
  • भारत सरकार द्वारा सर्माट सिटी मिशन के लिए नगर निगम शिमला को अनुमोदित किया गया है।
  • 70 वर्ष तथा इससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को वृद्धावस्था पैंशन प्रदान की जाएगी।

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