एसजेवीएनएल ने केंद्र सरकार को चेक के माध्यम से सौंपा लाभांश

एसजेवीएनएल ने केंद्र सरकार को चेक के माध्यम से सौंपा लाभांश

  • एसजेवीएन ने घोषित किया 785.95 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश
  • भारत सरकार को अंतरिम लाभांश के रूप में अदा किए 504.75 करोड़ रुपए
  • एसजेवीएन लिमिटेड के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍यमंत्री को भेंट किया चेक
  • नंद लाल शर्मा ने केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍यमंत्री को एसजेवीएन के ”उत्‍कृष्‍ट’ कार्यान्‍वयन से करवाया अवगत

शिमला : सतलुज जल विद्युत निगम ने वर्ष 2017-18 के वित्‍तीय निष्‍पादन के आधार पर अपने शेयरधारकों को 785.95 करोड़ रुपए (1.90 रुपए प्रति शेयर की दर से) का अंतरिम लाभांश घोषित किया है।  एसजेवीएन ने कंपनी की 64.3%  इक्विटी धारक भारत सरकार को 504.75 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश अदा किया है।  गत वर्ष कंपनी ने इसके शेयरधारकों को 1137.57 करोड़ रुपए का लाभांश अदा किया था।

नई दिल्‍ली में एसजेवीएन लिमिटेड के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, नंद लाल शर्मा द्वारा केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍य मंत्री आर.के. सिंह को लाभांश का चेक भेंट किया गया।  लाभांश चेक ए.के. भल्ला, सचिव (विद्युत) तथा विद्युत मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भेंट किया गया।  इस अवसर पर ए.एस. बिंद्रा, निदेशक (वित्त), आर.के. बंसल, निदेशक (विद्युत) व एसजेवीएन के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

नंद लाल शर्मा ने केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍यमंत्री को चेक भेंट करते हुए अवगत करवाया कि विद्युत मंत्रालय द्वारा  निर्धारित विद्युत उत्‍पादन लक्ष्‍य के अनुसार एसजेवीएन को वित्‍तीय वर्ष 2017 -18 के दौरान ”उत्‍कृष्‍ट” रेटिंग के लिए 8950 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन करना था,  जबकि आज की तारीख तक 1500 मेगावाट की एनजेएचपीएस, 412 मेगावाट की आरएचपीएस 47.6 मेगावाट की खिरवीरे डब्‍ल्‍यूपीपी तथा तथा 5 मेगावाट चरंका सोलर पावर स्टेशन से कुल लगभग 9015 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्‍पादन किया गया है।

एसजेवीएन हिमाचल प्रदेश में परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के साथ-साथ नेपाल, भूटान, उत्‍तराखंड, बिहार तथा गुजरात में अन्‍य परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन भी कर रही है। एसजेवीएन पहले ही पवन विद्युत, ताप विद्युत तथा विद्युत पारेषण में विविधीकरण कर चुका है तथा वर्तमान में लगभग 2000 मेगावाट बिजली का उत्‍पादन कर रहा है।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *