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किसानों को 1 फरवरी से डीबीटी योजना के तहत मिलेगी खाद

शिमला: हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी से खादों पर प्रत्यक्ष लाभ अतंरण (DBT) योजना को लागू किया जा रहा है। इस परियोजना से संबंधित मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार से है।

  • खादों पर प्रत्यक्ष लाभ अतंरण (DBT) परियोजना अन्य क्षेत्र की डी.बी.टी. योजना से भिन्न है। उदाहरणः एल.पी.जी. गैस सिलेण्डर की सब्सीडी के तहत पूर्व में पूर्ण कीमत चुकानी होती है, उसके बाद सब्सीडी सीधें उपभोक्ताओं के खाते मे आती है। परन्तु इसमें ऐसा नहीं है, क्योंकि खाद पूर्व की भांति भविष्य में भी सब्सीडी मूल्य पर ही मिलेंगा। कोई अतिरिक्त कीमत किसानों/उपभोक्ताओं को नहीं देनी होगीं।
  • यद्यपि किसान/उपभोक्ता द्वारा खाद खरीदने हेतु आधार कार्ड एक बेहतर विकल्प है, परन्तु इसके न होनें पर आधार Enrollment  संख्या एवं अन्य मानक पहचान पत्र जैसें वोंटर आई कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर खाद खरीदा जा सकता है।
  • किसानों/उपभोक्ताओं द्वारा खाद खरीदने पर उसे सब्सीडाईजड मूल्य की बिल रसीद प्राप्त होगी, जिससे अवैध धन वसूलनें पर भी पर रोक-थाम लगेंगी।
  • इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में खाद की वितरण प्रणाली एवं मौजूदा सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। अर्थात् पूर्व में खाद की जो सब्सीडी खाद निर्माता कम्पनी को Manualy दी जाती थी, अब वह रिटेलर द्वारा पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से आधार एवं अन्य मानक पहचान पत्र के बायो-मैटीक सत्यापन के फलस्वरूप संबंधित खाद निर्माता कम्पनी को प्राप्त होगी।
  • केवल वैध लाइसेंस होल्डर परचून खाद विक्रेताओं  (Retailers) सहकारी सभाओं तथा डिपो होल्डरों को पी.ओ.एस. (Point of  Sale) मशीन आवंटित की जाएगी।
  • हिमाचल प्रदेश में दिनांक 01/02/2018 से केवल पी.ओ.एस. (Point of  Sale) समद्ध मशीन के द्वारा ही खाद विक्रय की जाएगी। नियम का उल्घ्घंन करने पर नियमानुसार विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
  • रिटेलर इस पी.ओ.एस. (Point of  Sale) समद्ध मशीन के द्वारा अपनी बिक्री एवं स्टॉक रिपोर्ट भी निकाल सकते है।
  • इस सिस्टम के द्वारा सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश में खादो की उपलब्धता एवं जिलेवार ऑन-लाइन निगरानी (On-Line Monitoring) की जा सकती है। एवं इसके द्वारा हिमाचल प्रदेश के कृषि क्षेत्र में डिजिटल सेवा को बढ़ावा मिलेगा।
  • उर्वरक में डी.बी.टी. परियोजना पूर्णतयः कम्पयूटरीकृत है, अब इससे होल्सेंलर को भी Release Order (R.O.) Module के द्वारा स्टॉक सबंधित रिटेलर को ज्तंदेमित करना होगा।
  • कृषि विभाग की मृदा स्वास्थय कार्ड योजना को भी भविष्य में DBT in Fertilizer परियोजना से लिंक किया जाएगा।

नोटः DBT in Fertilizer परियोजना का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक जिले में 1 फरवरी को सबंधित उप निदेशक-कृषि कार्यालय द्वारा आयोजित किया जाएगा।

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