शासन में बदलाव के साथ लोगों को अब नई सरकार और पुलिस से काफी उम्मीदें : मुख्यमंत्री

शासन में बदलाव के साथ लोगों को अब नई सरकार और पुलिस से काफी उम्मीदें : मुख्यमंत्री

  • सीएम के राज्य में नशाखोरी व खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
  • कहा: यातायात नियमों के लिये की जाए योजना तैयार
  • नशे की हालत और मोबाईल सुनते वक्त वाहन चलाने पर तुरंत हो कार्रवाई : सीएम
  • कहा: राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
  • आपातकाल, एम्बुलेन्स, अग्निशमन व पुलिस सेवाओं के लिये टॉल फ्री नंबर 112 की शुरूआत करने वाला बनना चाहिए देश का पहला राज्य

शिमला: नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस अधिनियम 1985 के तहत सजा की दर में कमी पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य गृह विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कारण बताने को कहा। उन्होंने राज्य में नशाखोरी और खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस के समक्ष पारम्परिक और मनोचिकित्सक प्रकार की नशीली दवाएं एक गंभीर चुनौती है और ड्रग माफिया से निपटने के लिये एक ठोस योजना की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस को अपनी छवि को पुनर्स्थापित और पुनर्निर्माण करने की आवश्यकता है। राज्य में पिछली सरकार के शासनकाल के दौरान बलात्कार और हत्या के कुछ मामलों के बाद जिस तरह मामलों से निपटने की कोशिश की गई उससे पुलिस की छवि बुरी तरह खराब हुई। उन्होंने कहा कि अब शासन में बदलाव के साथ लोगों को नई सरकार और पुलिस से काफी उम्मीदें हैं और पुलिस को अपनी सामुदायिक योजनाओं का खोया विश्वास पुनः अर्जित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों को पुलिस की मदद लेने में किसी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। पुलिस द्वारा अनुकूल प्रयासों को शुरू करने की आवश्यकता है।

राज्य में दुर्घटनाओं के कारण मौतों में हो रही वृद्धि पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कड़े यातायात नियमों के लिये एक योजना तैयार की जानी चाहिए। हालांकि राष्ट्रीय उच्च मार्गों और कुछ अन्य स्थानों पर  इंटरसैप्शन वाहनों की तैनाती की जा सकती है, लेकिन नशे की हालत और मोबाईल सुनते वक्त वाहन चलाने पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को इन मुद्दों पर सख्त होना चाहिए और यह सुनिश्चित बनाना होगा कि लोग यातायात नियमों का पालन करें।

महिला सुरक्षा समस्या पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी के दृष्टिगत 27 जनवरी, 2018 को ’गुडिया हैल्पलाईन’ और ’शक्ति बटन मोबाईल एप्प’ का शुभारंभ किया जाएगा। मोबाइल को डिस्कनेक्ट न होना शेक-अप प्रणाली ऐप की एक अनूठी विशेषता होगी। मुख्यमंत्री ने होशियार सिंह हेल्पलाइन की शुरूआत करने की दिशा में भी काम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आपातकाल, एम्बुलेन्स, अग्निशमन व पुलिस सेवाओं के लिये टॉल फ्री नंबर 112 की शुरूआत करने वाला देश का पहला राज्य बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सेवा को क्रियाशील बनाने के लिये भारत सरकार ने राज्यों को निर्देश जारी किए हैं।

बैठक में अवगत करवाया गया कि 100 दिनों के लक्ष्य के तहत राज्य में पॉलीग्राफ परीक्षण शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। सभी अग्निशमन उपकरणों का परिचालन करने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम और सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभागों को इस संबंध में आपसी समन्वय से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाइड्रेंटस के लिये अलग से पानी के कनेक्शन की आवश्यकता पडे तो इसका समाधान निकाला जाना चाहिए।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *