मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट किसानों को ‘मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड’ पर करवाई जायेगी उपलब्ध

खादों पर डायरेक्ट बेनिफिट योजना 1 फरवरी से शुरू : डॉ. देसराज

  • अब किसानों को खाद लेने के लिए परचून केन्द्रों, सहकारी सभाओं तथा डिपो होल्डरों में पी.ओ.एस. (Point of  Sale) समद्ध मशीन  में आधार कार्ड एवं अन्य मानक पहचान पत्र दिखाना होगा अनिवार्य
  • किसानों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पडे इसलिए यह योजना सामान्य डीबीटी जोकि रसोई गैस सब्सिडी में लागू है से बिल्कुल अलग है
  • किसानों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पडे इसलिए यह योजना सामान्य डीबीटी जो कि रसोई गैस सब्सिडी में लागू है से बिल्कुल अलग है

शिमला: हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी 2018 से खादों पर प्रत्यक्ष लाभ अतंरण (DBT)योजना लागू की जा रही है। जिसके अर्न्तगत अब किसानों को खाद लेने के लिए परचून केन्द्रों, सहकारी सभाओं तथा डिपो होल्डरों में पी.ओ.एस. (Point of  Sale) समद्ध मशीन  में आधार कार्ड एवं अन्य मानक पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। यह जानकारी कृषि निदेषक, हि.प्र. डॉ. देस राज ने दी।

डॉ. देस राज ने कहा कि किसानों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पडे इसलिए यह योजना सामान्य डीबीटी जो कि रसोई गैस सब्सिडी में लागू है से बिल्कुल अलग है। रसोई गैस के लिए डीबीटी में ग्राहक बाजार मूल्य पर गैस सिलेंडर खरीदते हैं और सरकार सब्सिडी को ग्राहक के बैंक खाते में बाद में जमा करती है। इसमें किसानों को सब्सिडी वाले दर पर उर्वरक मिलेगा और सरकार कंपनियों को सब्सिडी देगी। इसलिए किसान रिटेलर से सब्सिडी वाले दर पर उर्वरक खरीदेंगे और लेन-देन के विवरण प्वाइंट ऑफ सेल ( पीओएस ) मशीनों पर दर्ज किए जाएंगे। सरकार सब्सिडी को कंपनियों को खुदरा विक्रेताओं दवारा वेबसाइट पर अपलोड किए गए विक्रय आंकड़ों की जांच के बाद ही जारी करेगी। वास्तविक बिकी सब्सिडी भुगतान से जुड़ी होने के कारण इस याजना से अधिक पारदशिता आएगी और खाद बेचने वाली कंपनियों की मनमानी पर शिकंजा कसेगा।

डॉ. देस राज ने आगे बताया कि इसके लिए 25 जनवरी से 30 जनवरी 2018 तक प्रदेश के कृषि विभाग कार्यालयों में रिटेलरों को जारी की गयी पी.ओ.एस. मशीन मे स्टाक पुनः दर्ज किया जाऐगा। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी  तय कार्यक्रम/स्थल पर उपस्थित रहेगें। खाद के विक्रेता दिनांक 25 जनवरी से 30 जनवरी 2018 तक बिना पुनः दर्ज के पावती एवं विक्रय जैसे कार्य नहीं कर पायेंगे। इसके लिए विक्रेता को 23 जनवरी से पूर्व की लम्बित पावती को यथा शीघ्र संपूर्ण करना होगा। खादों के लाइसैंसदारक विक्रेताओं से आग्रह है कि विभाग से 20 जनवरी 2018 से पूर्व खादों की बिक्री करने हेतु पी.ओ.एस. मशीन संबंधित उप कृषि निदेशक कार्यालय से प्राप्त कर लें अन्यथा इसके उपरान्त उनका लाइसेंस विभाग द्वारा निरस्त कर दिया जाएगा जिसके लिए वह स्वंय उत्तरदायी होगें। अतः सभी रिटेलरों से आग्रह है कि संबंधित उप कृषि निदेशक कार्यालय/आबंटित खाद कम्पनी से संपर्क स्थापित कर रि-इनशलाइजेंशन प्रपत्र प्राप्त कर लें तथा अपनी पी.ओ.एस. मशीन, स्टॉक रजिस्टर, आधार कार्ड एवं रि-इनशलाइजेंशन प्रपत्र के साथ उप कृषि निदेशक द्वारा चयनित/निर्धारित स्थल एवं तय तिथि पर लाना सुनिश्चित करें ताकि प्रदेश में 1 फरवरी 2018 से खादों पर प्रत्यक्ष लाभ अतंरण (DBT) योजना को लागू किया जा सकें।

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