नई 7 औद्योगिक परियोजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय

शिमला: मुख्यमंत्री  वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडल की आयोजित बैठक में विभिन्न श्रेणियों के 3000 से अधिक पदों के सृजन एवं भरने की स्वीकृति प्रदान करने के अतिरिक्त हजारों अंशकालिक कर्मियों, कंटीन्जेंट पेड वर्करों, अनुबन्ध कर्मियों और दैनिक भोगियों को देय लाभ प्रदान करने को स्वीकृति दी गई। मंत्रिमण्डल ने विभिन्न विभागों में 31 मार्च, 2015 तक पांच वर्ष का सेवाकाल पूरा करने वाले अनुबन्ध कर्मियों की सेवाओं को नियमित करने की स्वीकृति प्रदान की। बैठक में महिला अनुबन्ध कर्मियों के मातृत्व अवकाश को 112 दिनों से बढ़ाकर 136 दिन करने का भी निर्णय लिया गया।

  • बैठक में 31 मार्च, 2015 को 7 वर्ष का निरन्तर सेवाकाल पूरा करने वाले दैनिक भोगियों/कन्टींजैंट पेड वर्करों की सेवाओं को नियमित करने का निर्णय लिया गया।
  • मंत्रिमण्डल ने प्रत्येक पटवार वृत में चतुर्थ श्रेणी का एक-एक पद भरने (कुल 2288 पद), को स्वीकृति प्रदान की।
  • बैठक में पर्यटन विभाग के अन्तर्गत धर्मशाला-मेकलोड़गंज रज्जू मार्ग परियोजना का ठेका देने को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • मंत्रिमंडल ने चंबा जिले की पंगी घाटी के देवी मिंधल माता मंदिर को सरकारी नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया।
  • बैठक में कुल्लू अस्पताल की क्षमता को 200 बिस्तरों से बढ़ाकर 300 बिस्तर करने और नागरिक अस्पताल, पालमपुर की मौजूदा 100 बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाकर 150 बिस्तर करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में कांगड़ा जिले के स्वास्थ्य उप-केन्द्र रोपड़ी को स्तरोन्नत कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाने और मण्डी जिला के कमांद में आवश्यक पदों सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • बैठक में किन्नौर जिले के पूह के लबरंग गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया।

 

मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले में उप तहसील ढटवाल (बिझड़ी) को तहसील का दर्जा देने की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने नवम्बर, 2014 में जिले के प्रवास के दौरान इस संबंध में घोषणा की थी। मंत्रिमंडल ने चामुण्डा-होली और तीसा-किलाड़ सुरंग परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने को मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के शेष 11 जिलों में जेबीटी अध्यापकों के युक्तिकरण का निर्णय लिया है जबकि बिलासपुर जिले में युक्तिकरण पहले ही किया जा चुका है। बैठक में मण्डी जिले के शिक्षा खण्ड धर्मपुर के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला बहरी को सार्वजनिक निजी सहभागिता के आधार पर आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के टाहलीवाल में नए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य उप-मण्डल खोलने की स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हमीरपुर जिले के नादौन योजना क्षेत्र में संशोधन का निर्णय लिया गया। सिरमौर जिले में धौलाकुंआ-माजरा के समग्र विकास को सुनिश्चित बनाने के लिये मंत्रिमण्डल ने इसे योजना क्षेत्र के अन्तर्गत लाने का निर्णय लिया है। मंत्रिमण्डल ने अनुबन्ध आधार पर कनिष्ठ अभियन्ताओं (सिविल) के 135 पद भरने को मंजूरी प्रदान की। इनमें नगर निगम शिमला के लिए भी 15 पद शामिल हैं। बैठक में लोक निर्माण विभाग में सीधी भर्ती द्वारा हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के माध्यम से अनुबन्ध आधार पर कनिष्ठ अभियन्ता (यांत्रिकी) और कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) के 10-10 पद भरने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, कनिष्ठ अभियन्ता (सिविल) के 10 पद सर्वेक्षकों में से, जिनके पास सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा अथवा डिग्री हो, को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट प्रदान करते हुए, पदोन्नति द्वारा भरे जाएंगे।

बैठक में कांगड़ा जिले में नए खोले गए राजकीय कॉलेज टकीपुर, लन्ज और डाडासिबा के लिए 18 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने लोक निर्माण विभाग में सीधी भर्ती के आधार पर हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के माध्यम से लिपिकों के 60 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री के बजट भाषण में की गई घोषणा के अनुरूप मंत्रिमण्डल ने 31 मार्च, 2015 तक 8 वर्ष का नियमित सेवाकाल पूरा करने वाले अंशकालिक कर्मियों को दैनिक भोगी बनाने का निर्णय लिया। बैठक में तकनीकी संस्थानों में विभिन्न श्रेणियों के 70 रिक्त पदों को भरने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने चम्बा, हमीरपुर और नाहन में स्थापित किए जा रहे तीन नए चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद की मांग के अनुरूप विभिन्न पद सृजित करने को सहमति प्रदान की। बैठक में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में अनुबन्ध आधार पर कनिष्ठ प्रशिक्षकों के 50 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, राजस्व विभाग में जिला न्यायवादी के तीन पद और सहायक जिला न्यायवादी के 14 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में अभियोजन विभाग के सहायक न्यायवादी कैडर से सीधी भर्ती के माध्यम से अनुबन्ध आधार पर सहायक जिला न्यायवादी के तीन पद भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) में सेवाएं दे रहे दैनिक भोगियों और अनुबन्ध कर्मियों की सेवाओं को नियमित करने के दृष्टिगत प्रदेश में विभिन्न साडा क्षेत्रों में अलग-अलग श्रेणियों में 26 पद सृजित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने आयुर्वेद विभाग में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों के 100 रिक्त पदों को भरने के अतिरिक्त स्टाफ नर्सों के 10 रिक्त पदों को बैच वाईज अनुबन्ध आधार पर भरने का निर्णय लिया है।

मंत्रिमंडल ने राजकीय चिकित्सा कॉलेजों में सीधी भर्ती के माध्यम से सहायक प्रोफेसरों के 9 पदों को भरने की स्वीकृति भी प्रदान की। इसके अतिरिक्त, बागवानी विभाग में उद्यान प्रसार अधिकारियों के 50 पदों को भरने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में उद्योग विभाग में अनुबन्ध आधार पर प्रबन्धक (श्रेणी-दो राजपत्रित)के 12 पद भरने को भी सहमति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, बाल विकास परियोजना अधिकारियों के तीन पद अनुबन्ध आधार पर भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सीधी भर्ती द्वारा चतुर्थ श्रेणी के 100 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की। इसके अतिरिक्त, सचिवालय में सफाई कर्मियों के 20 पद भरने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कनिष्ठ आशुलिपिकों के पांच पदों को पूर्व सैनिकों के आश्रितों में से सीधी भर्ती के माध्यम से अनुबन्ध आधार पर भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, कांगड़ा की अधिकृत शेयर पूंजी को 11 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 13 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति प्रदान की। बैठक में सोलन जिले के बद्दी, सिरमौर जिले के सुकेती, मण्डी जिले के झटींगरी, कुल्लू जिले के सोझा (बंजार) और बिलासपुर शहर पर्यटन स्थलों को सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर लंबी अवधि के लिए निजी क्षेत्र को पट्टे पर देने का निर्णय लिया गया।

बैठक में केंद्रीय बिक्री कर (हिमाचल प्रदेश) नियम, 1970 जो आयकर रिटर्न भरनेे से सम्बन्धित है, के नियम 7 में संशोधन को स्वीकृति दी है। मंत्रिमंडल ने टर्न ओवर सीमा से सम्बन्धित नियम 50 में संशोधन कर ‘8 लाख से 25 लाख रुपये’ के स्थान पर ‘25 लाख रुपये तक’ करने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हि.प्र. मूल्य वर्धित कर नियम, 2005 के नियम 45, 50 और 50 (4) में संशोधन करने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने सहकारी, राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों से 10 लाख रुपये तक कृषक ऋण के लिए पंजीकृत की जाने वाली मोर्टगेज डीड पर स्टांप ड्यूटी के भुगतान पर पूरी छूट देने का निर्णय लिया है। बैठक में सभी बोनाफाईड हिमाचली विद्यार्थियों को अधिकतम 7.50 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋणों को प्राप्त करने के लिए मोर्टगेज डीड पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में भुगतान पर पूरी छूट देने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में हिमाचल प्रदेश वन इको-सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग परियोजना के अन्तर्गत धर्मशाला में पदों के सृजन सहित राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने निजी क्षेत्रों से निकाले गए रेसिन, जिसका निर्यात राज्य के बाहर किया जाता है, पर निर्यात पास शुल्क में वृद्धि करते हुए इसे क्रय मूल्य पर 10 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे पर 2 रुपये से 7 रुपये प्रतिकिलो ग्राम करने का निर्णय लिया है। बैठक में वर्ष 2015 के लिए सेब और आम की फसलों के लिए मंडी मध्यस्थता योजना के कार्यान्वयन को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश असंगठित कामगार (सामाजिक सुरक्षा) नियम, 2015 बनाने को भी स्वीकृति प्रदान की।

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