विकलांगजनों के कल्याण के लिए एकीकृत योजना आरम्भः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित हिमाचल प्रदेश विकलांगजन कल्याण बोर्ड की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए

विकलांगजनों के कल्याण के लिए एकीकृत योजना आरम्भः मुख्यमंत्री

  • विकलांगजनों के कल्याण के लिए एकीकृत योजना आरम्भः मुख्यमंत्री
  • प्रशिक्षुओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति की जा रही है प्रदान
  • मुख्यमंत्री ने की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित हिमाचल प्रदेश विकलांगजन कल्याण बोर्ड की तीसरी बैठक की अध्यक्षता
  • सक्षम व्यक्ति 25 लाख रुपये तक का ऋण कम ब्याज दर पर कर पाएंगे प्राप्त
  • प्रदेश सरकार विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों की मांगों के प्रति संवेदनशील
  • प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण की बनाई है  नीति
  • प्रदेश सरकार द्वारा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से एकीकृत योजना  की  है आरम्भ
  • सरकार मानसिक तौर पर अस्वस्थ बच्चों की शिक्षा एवं पुनर्वास के प्रति गम्भीर
  • मानसिक रूप से अक्षम, मूक व बधिर तथा अनाथों के लिये आश्रय गृह खोलने वाले निजी संस्थानों को अनुदान प्रदान करने का प्रस्ताव है
  • सरकार द्वारा संचालित विभिन्न आश्रमों में विशेषज्ञ शिक्षकों के पदों को शीघ्र जाएगा भरा
  • वर्तमान में प्रदेश में विशेष तौर पर सक्षम 37828 लोगों को राहत भत्ताकिया जा रहा है प्रदान

 

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कि कहा कि प्रदेश सरकार ने विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से एकीकृत योजना आरम्भ की है। इस योजना के अन्तर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से निःशुल्क वाणिज्यिक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के अतिरिक्त, इन प्रशिक्षुओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित हिमाचल प्रदेश विकलांगजन कल्याण बोर्ड की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को बिना किसी तय आय सीमा के ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक निगम को चैनेलाईजिंग एजेंसी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति 25 लाख रुपये तक का ऋण कम ब्याज दर पर प्राप्त कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और उन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के भीतर मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाने के अतिरिक्त दृष्टिबाधित व्यक्तियों को निगम की बसों में प्रदेश के बाहर भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य अस्पतालों द्वारा पीजीआई चण्डीगढ़ या एम्स अस्पताल दिल्ली को रैफर किए जाने वाले विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सुविधा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निगम की बसों में विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए सीटें आरक्षित होनी चाहिए और आरक्षित सीटो को पात्र व्यक्तियों को दिलाने की जिम्मेवारी परिचालक की हो। उन्होंने कहा कि परिचालकों को विकलांगजनों को बसों में चढ़ने एवं उतरने में भी मदद करनी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि विकलांगजनों की शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक माह के दूसरे सोमवार को विशेष रूप से निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधवाओं की वृद्धावस्था सामाजिक सुरक्षा पैंशन 550 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये और 70 प्रतिशत से अधिक अपंगता वाले व्यक्तियों की सामाजिक सुरक्षा पैंशन 750 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये की गई है। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति जोकि कोई अन्य पैंशन नहीं ले रहे हैं, उनकी पैंशन को इस वित्त वर्ष से 1000 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विशेष रूप से सक्षम पुरूषों अथवा महिलाओं से शादी करने वाले व्यक्तियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार रुपये करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण की नीति बनाई है और अब तक विभिन्न सरकारी विभागों में इन श्रेणियों के 1683 पदों को भरा गया है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से एकीकृत योजना आरम्भ की है। योजना के अन्तर्गत छात्रवृत्ति प्रदान करने के प्रावधान के अतिरिक्त किसी विशेष क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान करने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मानसिक तौर पर अस्वस्थ बच्चों की शिक्षा एवं पुनर्वास के प्रति गम्भीर है और मानसिक रूप से अक्षम, मूक व बधिर तथा अनाथों के लिये आश्रय गृह खोलने वाले निजी संस्थानों को अनुदान प्रदान करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न आश्रमों में विशेषज्ञ शिक्षकों के पदों को शीघ्र भरा जाएगा।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों की सुविधा के लिये उठाए जा रहे कदमों तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से छः वर्ष आयु तक के बच्चों को पोषाहार सुनिश्चित बनाने के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में बच्चों की नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है ताकि वे भविष्य में किसी प्रकार की अपंगता से ग्रसित न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में विशेष तौर पर सक्षम 37828 लोगों को राहत भत्ता प्रदान किया जा रहा है।

इससे पूर्व, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव आर.डी. धीमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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