पौधों के तनों की रक्षा हेतु चूने का लेप आवश्यक : बागवानी विशेषज्ञ डॉ. भारद्वाज

पौधों के तनों की रक्षा हेतु चूने का लेप आवश्यक : बागवानी विशेषज्ञ डॉ. भारद्वाज

बागवानी विशेषज्ञ डॉ. भारद्वाज

बागवानी विशेषज्ञ डॉ. भारद्वाज

आजकल फल पौधों के तनों पर चूने का लेप लगाने का उपयुक्त समय है। चूने का लेप बनाने के लिए एक किलो नीला थोथा, नौ किलो चुना, एक लीटर अलसी का तेल जिसे प्रयोग करने से पहले आप उबाल लें। या फिर 750  मिलीलीटर एच.एम.ओ. 25 लीटर पानी में घोलकर बनाएं और पौधों के तने की पहली शाखा तक चारों ओर प्रयोग करें। इस चूने के घोल को पौधों की उन शाखाओं पर भी लगाया जा सकता है जहां चमड़ी का रंग सामान्य से हटकर लाल रंग हो रहा हो, ऐसी स्थिति वहीं बनती है जहां पौधे की शाखा पर धूप सीधी पड़ती हो।

समय रहते यदि इन स्थानों को उपचारित न किया जाए तो शीघ्र ही चमड़ी सूखने लगती है और इन भागों पर केंकर रोग का प्रकोप बढ़ जाता है और कुछ समय में पौधा सूखने लगता है। अतः चूने का प्रयोग पौधों के तनों पर अवश्य करें। चुने के प्रयोग के कारण वुली ऐफ़िड, तथा टन छेदक कीड़े भी अंडे नहीं दे पाते और इससे पौधों के तनों की रक्षा होती है।

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