नागरिक सभा ने एनजीटी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

NGT के आदेश : प्रदेश में बिना अनुमति के पेड़ व जमीन की कटिंग की, तो पांच लाख जुर्माना

शिमला: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने शिमला के कोर, ग्रीन व फॉरेस्ट एरिया में हुए अवैध निर्माण पर बड़ा फैसला दिया है। एनजीटी ने हिमाचल की राजधानी शिमला के कोर, ग्रीन व फॉरेस्ट एरिया में किए गए अवैध निर्माण को किसी भी कीमत पर नियमित न करने के आदेश दिए हैं।

  • हिमाचल में बिना मंजूरी कहीं भी पहाड़ या पेड़ काटने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने वीरवार को बड़ा फैसला लेते हुए सूबे में राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कों के दोनों किनारे 3 मीटर तक किसी तरह का निर्माण नहीं किया सकेगा। शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में ढाई मंजिल से ऊंचे भवन निर्माण पर भी रोक लगा दी है। साथ ही शिमला प्लानिंग एरिया में किसी भी कोने में मौजूद सघन वन या हरित क्षेत्र में नए आवासीय, संस्थागत और व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं होगी।

एनजीटी ने ऐसे निर्माण कार्यों के नियमित करने पर पूरी तरह से रोक लगाने के साथ ही उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश भी दिए हैं। इस संदर्भ में एनजीटी ने नगर निगम शिमला सहित संबंधित सभी विभागों को हिदायत दी है कि ऐसे सभी निर्माण कार्यों को गिराने के लिए आदेश पारित किए जाएं। इसके अलावा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों में किए गए सभी तरह के अवैध निर्माणों को नियमित करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। एनजीटी ने साफ किया है कि अगर किसी ने शिमला के कोर, ग्रीन व फॉरेस्ट एरिया से बाहर अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए 13 नवंबर 2017 से पहले आवेदन किया है तो उसे आवासीय भवन के अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए तय पर्यावरण मुआवजा देना होगा। आवासीय भवन के मामले में ये मुआवजा 5000 रुपए प्रति वर्ग फुट व व्यवसायिक भवन के लिए एक लाख रुपए प्रति वर्ग फुट रहेगा।

एनजीटी के अनुसार यह शुल्क अन्य प्रकार के शुल्क से अलग होगा। हिमाचल प्रदेश में 13 नवंबर के बाद किए गए किसी भी अनाधिकृत निर्माण को नियमित नहीं किया जाएगा। यह  निर्माण तभी नियमित होंगे, जब वह यह फीस भरने के साथ ही अन्य मापदंडों को पूरा करेंगे। इसके अलावा ट्रिब्यूनल ने पूरे प्रदेश में सडक़ों से 3 मीटर की दूरी के भीतर किसी भी प्रकार की निर्माण पर रोक लगा दी है। प्रदेश में बिना अनुमति के पेड़ों व जमीन की कटिंग करने वाले पर कम से कम पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने शिमला के ग्रीन, कोर व फॉरेस्ट एरिया में किए गए अवैध निर्माणों को नियमित करने और नए निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

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