मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स-2017 रेस प्रतिस्पर्धा में हिमाचल के वरुण चावला दूसरे स्थान पर

मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स-2017 रेस प्रतिस्पर्धा में हिमाचल के वरुण चावला दूसरे स्थान पर

मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स-2017 रेस प्रतिस्पर्धा

मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स-2017 रेस प्रतिस्पर्धा

चंडीगढ़: मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स-2017 रेस प्रतिस्पर्धा के पहले चरण की शुरूआत हो गई है। 8 सितंबर को बंगलुरू में पहले राउंड से आरंभ इस प्रतिस्पर्धा ने 27 अक्टूबर को दूसरे राउंड में चंडीगढ़ में खूब धूम मचाई। यह उत्तर क्षेत्र के लिए पहला जोनल राउंड था, जिसके बाद गुडग़ांव में दिसंबर में एक और राउंड होगा। मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स-2017 (सीजन 1) प्रतियोगिता 6 महीने तक चलेगी जिसमें कई शहरों के हिमाचल,बंगलुरू, चंडीगढ़, कोयंबटूर, पुणे, इंदौर, गुडग़ांव तथा गुवाहाटी के उभरते रेसर्स और मोटर स्पोर्ट्स  में दिलचस्पी रखने वाले एक-दूसरे से मुकाबला कर रहे हैं। प्रतियोगिता का समापन ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में होगा। विजेताओं को 6 वर्गों में उनकी संबद्ध श्रेणियों में मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स चैंपियन की प्रतिष्ठित उपाधि प्रदान की जाएगी।

इस प्रतिस्पर्धा में मोटर स्पोर्ट्स में दिलचस्पी रखने वाले शौकिया खिलाडिय़ों को रैली के कठिन प्रारूपों में दक्षता हासिल करने से पहले अपने ड्राइविंग कौशल परखने तथा मौके पर ही पंजीकरण कराने का आसान अवसर मिल रहा है, जिसमें वे रोज उपयोग की जाने वाली कारों में बिना किसी तब्दीली के भाग ले सकते हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस शानदार दूसरे दौर का समापन 29 अक्टूबर को चंडीगढ़ में हुआ, जहां एक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। प्रत्येक वर्ग के विजेता राष्ट्रीय प्रतियोगिता में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।

मारुति सुजुकी ऑटोप्रिक्स-2017 रेस प्रतिस्पर्धा में हिमाचल के होनहार वरुण चावला भी हिस्सा ले रहे हैं। चंडीगढ़ में तीन दिन तक चलने वाले इस शानदार कार्यक्रम के दूसरे दौर में वरुण चावला दूसरे स्थान में रहे। वरुण चावला हिमाचल प्रदेश (शिमला) के रहने वाले हैं । वह पेशे से इंजीनियर हैं और आजकल दिल्ली में कार्यरत हैं। वरुण बचपन से गाड़ी चलाने के शौकीन रहे हैं और उन्होंने 15 साल की उम्र से ही गाड़ी चलाने की बारिकीयों को भलीभांति समझ लिया था। बचपन से मोटर स्पोर्ट्स में दिलचस्पी रखने वाले वरुण चावला अपने सपने की ओर मिलती सफलता का श्रेय आपने माता-पिता और दोस्तों को देते हैं जिन्होंने उन्हें हमेशा इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने व आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।

वरुण का कहना है कि माता-पिता और दोस्तों की बदौलत उनका बचपन से देखा सपना आज पूरा होता दिखाई दे रहा है। वरुण चावला अपने सपने को पूरा करने के साथ-साथ अपने माता-पिता और प्रदेश का नाम भी रौशन करना चाहते हैं जिसके लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। हिमाचल के होनहार बेटे वरुण चावला अपने जीवन में अपने सपने को साकार करें और हर कदम पर सफल हों, इसके लिए “हिम शिमला लाइव” की टीम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है।

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