मुख्यमंत्री ने मण्डी दौरे के दौरान दी मण्डी जिले को कई सौगातें

  • प्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्धःमुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री ने की रामापा रायोसी को उच्च पाठशाला बनाने की घोषणा
  • गवालपुर में खुलेगा पशु औषधालयः मुख्यमंत्री
  • हिमाचल प्रदेश खेल (पंजीकरण, मान्यता और संघों का नियमन) बिल, किया  2015 पारित
  • बिल का उद्देश्य खेल संघों की कार्य प्रणाली को लोकतांत्रिक बनाना और संघों को खेलों में प्रदर्शन के लिए जबावदेह बनाना
  • प्रदेश सरकार ने गत दो वर्षों के दौरान प्रदेश भर में 700 से अधिक विद्यालय खोले व स्तरोन्नत किए
  • प्रदेश में विद्यालयों की संख्या 15428
  • प्रदेश सरकार ने की है राष्ट्रीय उच्च मार्ग-21 के निर्माण व रख-रखाव के लिए 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत

मण्डी : मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मण्डी जिले के नाचन विधानसभा क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान लौट में जनसभा को सम्बोधित करते हुए राजकीय माध्यमिक पाठशाला, रायोसी को राजकीय उच्च पाठशाला के तौर पर स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर बजेही-सुहारला सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने लौट में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की मांग उठाई।

आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी, मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्ण चन्द, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

वहीं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज मंडी जिले के नाचन विधानसभा क्षेत्र के बासा में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में खेल संघों के नियमन के लिए हाल ही में हिमाचल प्रदेश खेल (पंजीकरण, मान्यता और संघों का नियमन) बिल, 2015 पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि बिल का उद्देश्य खेल संघों की कार्य प्रणाली को लोकतांत्रिक बनाना और संघों को खेलों में प्रदर्शन के लिए जबावदेह बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) ने जालसाजी करके धर्मशाला में पांच सितारा होटल और स्टेडियम बनाने के लिए सरकार की करोड़ों रुपये की सम्पत्ति हथिया ली।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने कानूनी नियमों की अवहेलना करते हुए उत्तर प्रदेश के कानपुर में हिमालयन प्लेयर्ज एसोसिएशन के नाम से स्वयं को पुनः पंजीकृत करवाया और बाद में एक बार फिर से किसी अन्य जगह कम्पनी एक्ट के अन्तर्गत पंजीकृत करवाया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का मकसद नवोदित खेल प्रतिभाओं को निखारना और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना होना चाहिए, लेकिन इसे कुछ लोगों के लाभ के लिए कम्पनी में परिवर्तित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक एसोसिएशन स्वयं को प्रदेश में रजिस्ट्रार पंजीयक सभाएं के पास पंजीकृत नहीं करवाती, इसे मान्यता नहीं दी जा सकती और यह कानून के भी विरूद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खेलों के विरूद्ध नहीं है, लेकिन वह चाहते हैं कि खेल निकायों के सभी सदस्य लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाएं और उन्हें मतदान का समान अधिकार हो। वीरभद्र सिंह ने डडौर-मण्डी उच्च मार्ग के फोरलेनिंग के कार्य के सन्दर्भ में कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण को फोरलेनिंग कार्य पूरा होने तक सड़क का रख-रखाव सुनिश्चित बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग-21 के निर्माण एवं रख-रखाव के लिए 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है और शेष 50 प्रतिशत धनराशि का वहन केन्द्र सरकार द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की रीढ़ होती है और प्रदेश सरकार द्वारा गत दो वर्षों के दौरान प्रदेश भर में 700 से अधिक विद्यालय खोले अथवा स्तरोन्नत किए गए हैं तथा प्रदेश में विद्यालयों की संख्या 15428 हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में और अधिक नये स्कूल खोलने की आवश्यकता नहीं है तथा प्रदेश सरकार मुख्य रूप से शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर बल दे रही है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेशवासियों के स्नेह व शुभकामनाओं के बूते वह कई वर्षों से लोगों की सेवा में तत्पर हैं तथा उन्होंने विकास के मामले में कभी क्षेत्रवाद के नाम पर भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जब भी सत्ता में आती है, बांटने की राजनीति करती है और लोगों के मध्य क्षेत्रवाद और सम्प्रदाय के नाम पर दरार डालने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि हम सभी हिमाचली और उससे भी बढ़कर भारतीय हैं और वह भारत को सबसे विकसित, मजबूत व सुदृढ़ राष्ट्र के रूप देखना चाहते हैं।

वीरभद्र सिंह ने राजकीय उच्च पाठशाला चच्योट, शाला और बाडू को वरिष्ठ माध्यमिक तथा माध्यमिक पाठशाला फगवाओ, चौकरी, कूट, तुन्ना और सोन्धी को उच्च विद्यालय और प्राथमिक पाठशाला दान व थमाडी को माध्यमिक पाठशाला स्तरोन्नत करने की घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बासा में गैस एजेन्सी खोलने का मामला सम्बन्धित केन्द्रीय मंत्री के समक्ष उठाया जायेगा।

वीरभद्र सिंह ने बासा में 90 लाख रूपये की लागत से बनने वाली पेयजलापूर्ति योजना की आधारशिला भी रखी। इस योजना से आठ गांवों की 25 बस्तियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री ने 25 लाख रूपये की लागत से निर्मित सामुदायिक केन्द्र और सभागार का लोकार्पण करने के बाद नाचन विधान सभा क्षेत्र के लोट में भी जनसभा को सम्बोधित किया।

इस अवसर पर बोलते हुए सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि राज्य में 32416 बस्तियों को प्रति दिन प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 89.50 प्रतिशत परिवारों को नल के माध्यम से पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है और विभिन्न क्षेत्रों से मांग के आधार पर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्ड पम्पों की स्थापना की जा रही है।

प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विधानसभा में पारित खेल विधेयक खेल निकायों के हित में है तथा खेल संघों पर एकाधिकार की परिपाटी पर अंकुश लगाने के लिये है। उन्होंने कहा कि खेल निकायों में लोकतान्त्रिक ढंग से चुनी हुई गर्वनिंग बॉडी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिये सभी लोगों को सरकार का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी राजनीतिक विचारधारा भिन्न हो सकती है, लेकिन जब प्रदेश के चंहूमुखी विकास की बात आती है, तो हम सबसे पहले हिमाचली हैं। उन्होंने कहा कि विकासात्मक गतिविधियों को सुनिश्चित बनाने के लिये हम सबको राजनीतिक भेदभाव को भूलाकर एकजुट प्रयास करने चाहिए।

अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति निगम के अध्यक्ष टेक चन्द डोगरा ने करोड़ों रूपये की परियोजनाओं के लोकार्पण के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों को गुमराह करने की कोशिश तथा वर्तमान सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही योजनाओं का श्रेय लेने के प्रयास के लिये विपक्ष की कड़ी आलोचना की।

तो वहीं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह नेमण्डी जिले के करसोग में चवासी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने समाजसेवी मान सिंह की अगुवाई में भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने करसोग क्षेत्र में पधारने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और चवासी क्षेत्र की समस्याएं उनके समक्ष रखीं।

वीरभद्र सिंह ने प्रतिनिधिमण्डल को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने राजकीय उच्च पाठशाला गवालपुर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के तौर पर स्तरोन्नत करने और गवालपुर में पशु औषधालय खोलने की स्वीकृतियां प्रदान कीं। प्रतिनिधिमण्डल ने गवालपुर पाठशाला के स्तरोन्नयन और पशु औषधालय की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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