सीएम ने की कुल्लू में भगवान रघुनाथ की पूजा-अर्चना,

सीएम ने की कुल्लू में भगवान रघुनाथ की पूजा-अर्चना, सदियों पुरानी परंपराओं और मूल्यों के सरंक्षण का आग्रह

सदियों पुरानी परंपराओं और मूल्यों के सरंक्षण का आग्रह

सदियों पुरानी परंपराओं और मूल्यों के सरंक्षण का आग्रह

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कुल्लू के भुन्तर हवाई अड्डे पहुंचने पर लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव के समापन समारोह की अध्यक्षता करने के लिये कुल्लू में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों पुराना कुल्लू दशहरा एक बहुत बड़ा पारम्परिक, धार्मिक व सांस्कृतिक महोत्सव है, जिसमें पूरे ज़िले के देवी-देवता भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं तथा मूल्यों को बनाए रखना चाहिए तथा इन्हें भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए ताकि वे अपनी समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकें।

मुख्यमंत्री ने ढालपुर मैदान में घाटी के प्रमुख देवता भगवान रघुनाथ जी की पूजा-अर्चना की। भगवान रघुनाथ महोत्सव के अंतिम दिवस तक ढालपुर मैदान में आसीन रहते हैं। मुख्यमंत्री ने ज़िले के पारम्परिक लोकनृत्य ‘लालड़ी’ में भी भाग लिया। इस नृत्य में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग मालानृत्य में भाग लेते हैं। मुख्यमंत्री ने प्राचीन पारम्परिक नृत्य लालड़ी को प्रोत्साहन देने के लिये गत वर्ष 2016 में इसे पुनः आरम्भ करवाया था। कुल्लू ज़िला के उपायुक्त युनूस ने अवगत करवाया कि दशहरा महोत्सव में लगभग 250 देवी-देवता भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ज़िला प्रशासन तथा स्थानीय लोगों की लालड़ी को वार्षिक समारोह बनाने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने ढालपुर मैदान में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने कलाकेन्द्र में आयोजित उत्सव की अन्तिम सांस्कृतिक संध्या की भी अध्यक्षता की। उपायुक्त एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष युनूस ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

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