युवराज सिंह ने शूलिनी विश्वविद्यालय में की यूवीकैन फाउंडेशन सहयोग की शुरुआत

युवराज सिंह ने शूलिनी विश्वविद्यालय में की यूवीकैन फाउंडेशन सहयोग की शुरुआत

  • शूलिनी विश्वविद्यालय ने की कैंसर पीड़ित लोगों व उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा
    शूलिनी विश्वविद्यालय ने की कैंसर पीड़ित लोगों व उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा

शूलिनी विश्वविद्यालय ने की कैंसर पीड़ित लोगों व उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा

 सोलन: सोलन स्टार भारतीय क्रिकेटर और उद्यमी युवराज सिंह ने आज सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय में अपनी यूवीकैन (YouWeCan) फाउंडेशन का एक ऑफसाइट सेंटर लॉंच किया। यह सेंटर शूलिनी के उन छात्रों के सहयोग से शुरू किया गया है जो यूवीकैन से साथ मिलकर कैंसर की प्रति जागरुकता फैलाने के लिए काम कर रहे है। युवराज ने विश्वविद्यालय में यूवीकैन के लिए अपनी दृष्टि के बारे में बताया और छात्रों द्वारा किए गए कार्य की सराहना की और भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। शूलिनी विश्वविद्यालय ने इस अवसर पर कैंसर रोग से ठीक हो चुके लोगों और उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की और यूवीकैन के साथ भविष्य के कार्यों के लिए एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए।

युवराज ने विश्वविद्यालय के ‘गुरु सीरिज़ लैक्चर’ में छात्रों और संकाय की सभा को संबोधित किया। लैक्चर में उन्होंने अपने कैरियर के बारे में कई उपाख्यानों, कैंसर से लडऩे और यूवीकैन के माध्यम से कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने के अपने सपने पर विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी मां ने उनकी कैंसर से रिकवरी में समर्थन किया। उन्होनें कहा कि खिलाड़ी भावना और देश के लोगों का प्यार कैंसर से वापसी करने में मददगार रहा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इस पहल में शामिल होने का आग्रह किया। युवराज के अनुसार भारत में चैरिटी के लिए पैसा जुटना मुश्किल होता है क्योंकि सभी लोग किसी न किसी संस्था के साथ जुड़े हैं। ऐसे में छात्र और शूलिनी जैसे संस्थान का सहयोग बहुत मायने रखता है।

इससे पहले मंगलवार दोपहर को युवराज ने उनके नाम पर बने विश्वविद्यालय के नए क्रिकेट मैदान का उद्घाटन किया, जिसके बाद एक कश्मीर विलो पेड़ भी लगाया गया। इस वृक्षारोपण के जरिए देश के क्रिकेट प्रेम को दर्शाने के कोशिश की गयी क्योंकि कश्मीर विलो क्रिकेट बैट बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

युवराज ने शूलिनी के उन छात्रों से भी बातचीत कीए जो यूवीकैन के साथ स्वयं सेवा करते हैं। यह छात्र अपने सोशल प्रोजेक्ट में पिछले कुछ वर्षों से सोलन और आसपास के गांवों में कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए काम कर रहे हैं। ये छात्र कैंसर रोग की शीघ्र पहचान के लिए जागरुकता शिविर, रैलियों और नुक्कड़ नाटक का आयोजन करते आए हैं। इस अवसर पर युवराज ने यूनिवर्सिटी परिसर में यूवीकैन शूलिनी कार्यालय का उद्घाटन किया, जहां से शूलिनी में फ ाउंडेशन की गतिविधियों का समन्वय किया जाएगा।

इस अवसर पर युवराज सिंह ने कहा कि वह हमेशा युवा, ऊर्जावान और सकारात्मक लोगों के आसपास खुश होते हैं। उनके अनुसार यह वही चीज़ है जो उन्होनें शूलिनी विश्वविद्यालय में देखी है। उन्होनें कहा किशूलिनी परिसर में प्रतिभा का भंडार है और वास्तव में यह उनके लिए बहुत ही सुखद बात है कि एक जैसी सोच वाले छात्र फ ाउंडेशन से जुड़े हुए हैं। युवराज ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि हम कैंसर की जागरूकता के लिए बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं और विश्व को कैंसर से जीत चुके लोगों के लिए एक बेहतर स्थान बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं। वर्ष 2012 में युवराज ने यूवीकैन को शुरू कियाए जिसके जरिए कैंसर से मुकाबला करनेए इस बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने और इससे लडऩे की पहल की।

इस मौके पर शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पी.के. खोसला ने युवराज का आभार व्यक्त करते हुएकहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए शानदार दिन है क्योंकि युवराज जैसे यूथ आइकन ने छात्रों और संकाय के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने आशा व्यक्त की युवराज की तरह विश्वविद्यालय के छात्र भी देश का नाम ऊंचा करेगें।

  • यूवीकैन फाउंडेशन:

यूवीकैन फाउंडेशन, एक गैर-लाभकारी धर्मार्थ संगठन है, जो 2012 के तहत क्रिकेटर युवराज सिंह द्वारा शुरू किया गया एक गैर-सरकारी संगठन है। कैंसर का निदान हो जाने के बाद, युवराज सिंह ने अमेरिका में लिवस्ट्राँग फाउंडेशन से प्रेरणा ली और कैंसर के खिलाफ लड़ाई व उसकी रोकथाम की दिशा में सक्रिय कदम उठाए। यह संस्था कैंसर  रोगियों और सही उपचार से वंचित लोगों के लिए धन जुटाने का प्रयास कर रही है। यूवीकैन कैंसर से उबर चुके रोगियों के लिए पुनर्वास प्रक्रिया के माध्यम से बेहतर जीवन का निर्माण कर रहा है।

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