अगस्त 2017 तक एचपीटीडीसी ने अर्जित किया 682 लाख रुपये का लाभ

अगस्त 2017 तक एचपीटीडीसी ने अर्जित किया 682 लाख रुपये का लाभ

  • एचपीटीडीसी के निदेशक मण्डल की 150वीं बैठक आयोजित
  • एचपीटीडीसी की सम्पति के रख-रखाव के लिए और प्रयास किए जाएंगे : वीरभद्र सिंह
  • निदेशक मण्डल ने दी निगम के कर्मचारियों को बॉनस, दैनिकभोगी कर्मचारियों को नियमित करने तथा कर्मचारियों की पदोन्नति को स्वीकृति
  • प्रतिस्पर्धा के दौर में निगम की मौजूदा सम्पति का उन्नयन आवश्यक : दिनेश मल्होत्रा

शिमला : मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आज यहां हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के निदेशक मण्डल की 150वीं बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने निगम के कर्मचारियों की निगम को वितीय रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें इस दिशा में और सुधार करने के लिए प्रयासरत रहने को कहा। उन्होंने कहा कि एचपीटीडीसी की सम्पति की रख-रखाव के लिए और प्रयास किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को प्रदेश की मेहमानवाजी का भरपूर आन्नद प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटन राजस्व सृजित करने का एक अह्म स्त्रोत होने के कारण किसी भी राज्य का महत्पूर्ण क्षेत्र माना जाता है। निगम कर्मचारियों को एचपीटीडीसी की बसों में यात्रा कर रहे पर्यटकों के साथ शालीनता तथा सदभाव से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी हो रही है कि निगम ने वर्तमान वितीय वर्ष के दौरान अगस्त, 2017 तक 682.27 लाख रुपये का कुल लाभ अर्जित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपीटीडीसी के निदेशक मण्डल ने निगम के कर्मचारियों को बॉनस, दैनिकभोगी कर्मचारियों को नियमित करने तथा कर्मचारियों की पदोन्नित की स्वीकृति भी प्रदान की। वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक सौन्दर्य तथा विशेषकर धार्मिक व साहसिक पर्यटन पर बल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक पर्यटन स्थल है तथा स्की ढलाने व पैराग्लाईडिंग स्थल भी है जिसका समुचित दोहन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व धार्मिक पर्यटन को व्यापक तौर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए जिससे युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

एचपीटीडीसी के प्रबन्ध निदेशक दिनेश मल्होत्रा ने बताया कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निगम की मौजूदा सम्पति का उन्नयन आवश्यक है तथा इससे पयटकों की संख्या में और बढ़ौतरी होगी। उन्होंने कहा कि निगम ने इस अवधि के दौरान निगम की सम्पति के जिर्णोद्धार, मुरम्मत तथा नवीकरण पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मल्होत्रा ने कहा कि गत साढ़े चार वर्षों के दौरान 733 कर्मचारियों को पदोन्नत तथा 200 कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की गई।

एचपीटीडीसी से के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा, मुख्य सचिव वी.सी. फारका, एचपीटीडीसी के निदेशक मण्डल के सदस्य सुरेन्द्र सेठी, विरेन्द्र धर्माणी, रूपेश कवंल, विजय इन्द्र करण, गोपाल कृष्ण महंत, अमरजीत सिंह तथा विशेष सचिव (वित) हसंराज भी बैठक में उपस्थित थे।

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