मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सुन्दरनगर के छात्रावास (छात्र) का लोकार्पण करते हुए

प्रदेश में आरम्भ होंगे 10 नए अत्याधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान: वीरभद्र सिंह

मुख्यमंत्री ने की डैहर को उप-तहसील देने की घोषणा

प्रदेश सरकार राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल से रोहतांग दर्रे तक डीजल बसें चलाए रखने का उठाएगी मामला

मुख्यमंत्री ने नागरिक अस्पताल को स्तरोन्नत कर 100 विस्तरों की क्षमता से बढ़ा कर 150 बिस्तरों का अस्पताल बनाने की कि घोषणा

 प्रदेश सरकार सीएनजी बसें चलाने पर कर रही है विचार, जल्द लिया जाएगा निर्णय

 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अग्निशमन केन्द्र मंडी के भवन का शिलान्यास करते हुए

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अग्निशमन केन्द्र मंडी के भवन का शिलान्यास करते हुए

मंडी: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की प्रवेश क्षमता को बढ़ाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 नए अत्याधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे, जिनमें अन्तर संबंधित ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और प्रत्येक में 400 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 3.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहुतकनीकी संस्थान, सुन्दरनगर के छात्रावास (छात्र) के लोकार्पण के उपरान्त जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के दूरदराज, जनजातीय और पिछड़ी पंचायतों में निजी क्षेत्र में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने पर विचार कर रही है ताकि ग्रामीण युवाओं को इसका लाभ मिल सके और वे अपने तकनीकी कौशल को निखारने के अतिरिक्त स्वरोजगार के लिए विभिन्न  ट्रेडों में प्रशिक्षित हो सकें।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही महिलाओं के लिए क्षेत्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाएगा और इसके अकादमिक सत्र की कक्षाएं वर्ष 2015-16 से आरम्भ होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2006 में इस बहुतकनीकी संस्थान के छात्रावास की आधारशिला रखी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रही है और प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया जा रहा है।

वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में तकनीकी क्रांति लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहन दे रही है और युवाओं को उनके कौशल उन्नयन के लिए कौशल विकास भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सबसे पुराने संस्थानों में एक है और प्रदेश सरकार इसके विस्तार के लिए कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने नागरिक अस्पताल को स्तरोन्नत कर 100 विस्तरों की क्षमता से बढ़ा कर 150 बिस्तरों का अस्पताल बनाने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला, सोहर, सेगल और मंजखेतर को स्तरोन्नत कर उच्च पाठशाला और खरनों में प्राथमिक पाठशाला खोलने की घोषणाएं की। वीरभद्र सिंह ने डैहर को उप-तहसील का दर्जा देने की भी घोषणा की।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने मण्डी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल से रोहतांग दर्रे तक डीजल बसें चलाए रखने का मामला उठाएगी। राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल का फैसला मनाली और रोहतांग के छोटे कारोबारियों, टैक्सी संचालकों, ढाबा मालिकों को प्रभावित कर रहा है। प्रदेश सरकार सीएनजी बसें चलाने पर भी विचार कर रही है और इस सन्दर्भ में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण को कीरतपुर से मण्डी सड़क के फोरलेनिंग के कार्य के अतिरिक्त इसके रख-रखाव को भी अपने हाथों में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग-21 को फोरलेन किया जा रहा है, लेकिन प्राधिकरण को यात्रियों की सुविधा के लिए पुराने उच्च मार्ग के रखरखाव पर भी विचार करना चाहिए। परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जी.एस. बाली ने इस अवसर पर मुख्य मंत्री को सम्मानित किया।

मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ने सुन्दरनगर में करोड़ों रुपयों की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करने के लिए मुख्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय सारे विकास कार्य ठप्प पड़ गए थे जबकि पिछले दो वर्षों में पूरे प्रदेश का तीव्र एवं समान विकास हुआ है। तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक राजेश्वर गोयल ने विभाग की गतिविधियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुख्य मंत्री राहत कोष के लिए विभाग की ओर से 1.56 लाख रुपये का चैक भी मुख्य मंत्री को भेंट किया।

इस अवसर पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती विद्या स्टोक्स, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी, मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल, राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति निगम के अध्यक्ष टेक चन्द डोगरा, मुख्य मंत्री के ओ.सी.डी. श्री अमित पाल सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के प्रबन्धक निदेशक अमिताभ अवस्थी, उपायुक्त संदीप कदम, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

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