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भाजपा नेता वीरभद्र सिंह को प्रतिशोध की भावना से बना रहे हैं निशाना : अग्निहोत्री व चौधरी

  • अग्निहोत्री व चौधरी ने की मुख्यमंत्री के विरूद्ध लगाए गए झूठे एवं बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए संबित पात्रा की कड़ी आलोचना

शिमला : उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विरूद्ध लगाए गए निराधार, बेबुनियाद एवं झूठे आरोप लगाने के लिए भाजपा नेता संबित पात्रा की कड़ी आलोचना की है। मंत्रियों ने कहा कि भाजपा के नेता वीरभद्र सिंह को प्रतिशोध की भावना से निशाना बना रहे हैं और राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को समीप आता देख व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं।

आज यहां जारी एक संयुक्त वक्तव्य में अग्निहोत्री तथा चौधरी ने कहा कि भाजपा नेता द्वारा लगाये गए बेबुनियाद आरोप केवल उनकी निराशा व हताशा को दर्शाते हैं, क्योंकि राज्य में समग्र विकास और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की लोकप्रियता का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की लोकप्रियता तथा रूतबे ने भाजपा नेताओं की रातों की नींद हराम कर रखी है और वे मुख्यमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार कर उनकी छवि को खराब करने पर आमदा हैं।

भाजपा के ‘हिसाब मांगे हिमाचल’ अभियान पर चुटकी लेते हुए मंत्रियों ने कहा कि सबसे पहले मोदी सरकार को उनके नोटबन्दी, काले धन पर किए गए वायदे, मेक-इन-इण्डिया, लोकपाल तथा ‘एक सिर के बदले दस’ जैसे चुनावी जुमलों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि पैट्रोल के दाम 76 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं, जो यूपीए के शासनकाल में केवल 60 रुपये थे। एलपीजी सिलेंडर के दाम 398 रुपये से बढ़कर 784 रुपये, अग्निहोत्री तथा चौधरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई के पास नोटबन्दी की 99 प्रतिशत मुद्रा वापिस आई है जो यह दर्शाती है कि मोदी सरकार ने काले धन के विरूद्ध कार्रवाई के नाम पर झूठा प्रचार किया और विमुद्रीकरण से देश के लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा।

मंत्रियों ने संबित पात्रा से पूछा कि वह गुरूग्राम के प्रसिद्ध स्कूल में बच्चे की निर्मम हत्या तथा राज्य में भाजपा सरकार की असफलता और निष्क्रियता के कारण पंचकुला तथा सिरसा में हुई तबाही पर वह चुप क्यों हैं। इसी तरह, भाजपा के नेता उत्तर प्रदेश के गोरखपुर अस्पताल में सैंकड़ों बच्चों की मौत पर क्यों चुप्पी साधे हैं। उन्होंने संबित पात्रा को राज्य के भाजपा नेताओं के आतिथ्य सत्कार का आनन्द उठाने तथा राज्य के राजनैतिक मामलों, जिनका उन्हें कोई ज्ञान नहीं है, पर अनावश्यक टिप्पणी न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संबित पात्रा को सलाह दी कि उन्हें हजारों करोड़ के घोटाले करने वाले भाजपा शासित राज्यों की चिंता करनी चाहिए।

अग्निहोत्री तथा चौधरी ने कहा कि राज्य में भाजपा के भीतर नेतृत्व व वर्चस्व को लेकर घमासान चल रहा है और इसके राष्ट्रीय नेता विघटित पार्टी में एकता उत्पन्न करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। मंत्रियों ने कहा कि वीरभद्र सिंह भाजपा की निंदापूर्ण टिप्पणी से कभी विचलित होने वाले नहीं हैं और न ही राज्य की अनुकूल जलवायु तथा शांति का लुत्फ़ उठाने आए ‘पर्यटक केन्द्रीय भाजपा नेताओं’ द्वारा उत्पन्न किए जा रहे उपद्रवों से पार्टी भयभीत होने वाली है।

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