कांग्रेस सरकार ने हिमाचल के हितों को क्षति पहुंचाकर अपनी जेब भरने का कोई मौका नहीं छोड़ा : संबित पात्रा

कांग्रेस सरकार ने हिमाचल के हितों को क्षति पहुंचाकर अपनी जेब भरने का कोई मौका नहीं छोड़ा : संबित पात्रा

शिमला: भाजपा ने “हिसाब मांगे हिमाचल” अभियान का महाआरंभ करते हुए आज शिमला में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा व पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो.प्रेम कुमार धूमल ने प्रेस को संबोधित किया। संबित पात्रा ने वीरभद्र सिंह की सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक आरोप पत्र का भी अनावरण किया। भाजपा के “हिसाब मांगे हिमाचल” अभियान की शुरुआत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि भारत एक गणतंत्र एवं लोकतंत्र है, और जनता के पास पूरा अधिकार है कि वो अपने द्वारा चुनी हुई सरकार से कार्यों का हिसाब मांग सकती है।  उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पिछले 5 सालों में  हिमाचल प्रदेश में माफिया की समानांतर सरकार चल रही हैं इस सरकार के शासन काल में राज्य में विभिन्न मफिया जैसे कि खनन, ड्रग्स, लकड़ी, बिल्डर एवं ट्रांसफर माफिया सदा प्रदेश पर हावी रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पिछले 5 सालों मे विभिन्न मफिया के साथ मिलकर हज़ारों करोड़ों का गबन किया है। फिर चाहे वो अवैध खनन के चलते सरकारी कोष को हुए 2400 करोड़ का नुकसान हो या फिर ड्रग्स माफिया द्वारा संचालित 900 करोड़ का अवैध कारोबार, कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की जनता के हितों को क्षति पहुंचाकर अपनी जेब भरने का कोई मौका नहीं छोड़ा।

पात्रा बोले कि प्रदेश में खनन, शराब, ड्रग्स, वन और ट्रांसफर माफिया के पीछे मुख्यमंत्री और उनके करीबी हैं। चुनावी अभियान के तहत मंगलवार को पात्रा ने पत्रकार वार्ता में पहले गुड़िया प्रकरण का मुद्दा उठाया। वे बोले कि गुड़िया प्रकरण से हिमाचल शर्मसार हुआ है।

आरोपी सूरज की लॉकअप में मौत के लिए 8 पुलिस कर्मचारी गिरफ्तार हुए हैं। सच छिपाने के आरोप में ही गिरफ्तार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सीएम की फेसबुक आईडी से पहले कुछ फोटो अपलोड होते हैं, 45 मिनट बाद हटा लिए जाते हैं। आज गुड़िया की रूह कांग्रेस सरकार से हिसाब मांग रही है। पात्रा बोले कि वे जिन विषयों को उठा रहे हैं, वे पुराने हो सकते हैं, लेकिन जब भ्रष्टाचार का राज होता है तो हिसाब मांगा जाता है।

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