शून्य लागत प्राकृतिक कृषि पद्धति को दिया जाएगा विस्तार : देवव्रत

शून्य लागत प्राकृतिक कृषि पद्धति को दिया जाएगा विस्तार : देवव्रत

शिमला: केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री गिरिराज सिंह ने गत दिवस गुरूकुल कुरूक्षेत्र का दौरा किया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने केंद्रीय मंत्री को गुरूकुल में सफलतापूर्वक की जा रही शून्य लागत प्राकृतिक कृषि पर आधारित फार्म तथा गो-शाला का भ्रमण करवाया और प्राकृतिक कृषि की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यहां पौने दो सौ एकड़ में प्राकृतिक कृषि की जाती है, जहां एक भी रुपया रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर व्यय नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मिशन को वह देश के किसानों तक पहुंचाना चाहते हैं। इसके लिए गुरूकुल कुरूक्षेत्र एक मॉडल बने और यहां इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थपित हो।

उन्होंने कहा कि इस पद्धति पर की जा रही कृषि से उत्पादन भी अधिक है और जमीन की उर्वरा शक्ति बरकरार है और स्वस्थ्य की दृष्टि से गुणात्मक उत्पाद उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री के सहयोग से इस मिशन को पूरे देश में फैलाया जाएगा।

गिरिराज सिंह ने कहा कि गुरूकुल परम्परा भारतीय संस्कृति एवं संस्कार का प्रतीक है, जो बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीयता की भावना को पैदा करने में अहम् भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरूकुल कुरूक्षेत्र शिक्षा के साथ-साथ कृषि का भी मॉडल बनकर उभरा है।

उन्होंने बच्चों से संवाद किया और अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया में सबसे युवा राष्ट्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा शक्ति को रचनात्मक दिशा देकर उनके कौशल व समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। उनका मानना है कि युवा शक्ति के द्वारा ही यह देश, दुनिया के विकसित राष्ट्र में शामिल हो सकता है।

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