फर्जी कंप्यूटर डिप्लोमा व सर्टिफिकेट देकर ठगी करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई : HPSSC

फर्जी कंप्यूटर डिप्लोमा व सर्टिफिकेट देकर ठगी करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई : HPSSC

हमीरपुर: प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने फर्जी कंप्यूटर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट देकर ठगी करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। आयोग ने कहा कि वह अपने स्तर पर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट की जांच करवाएगा। अगर किसी संस्थान से प्राप्त फर्जी कंप्यूटर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट में गलत तथ्य मिले तो कानूनी कार्रवाई होगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि रेगुलर कक्षाएं लगाने और परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों के कंप्यूटर डिप्लोमा सर्टिफिकेट ही मान्य होंगे।

फर्जी कंप्यूटर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट मामले में अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी का केस दर्ज होगा। नौकरी से भी हाथ धोना पड़ेगा। दो साल से चल रही जूनियर ऑफिस असिसटेंट-आईटी (जेओए) भर्ती को अब आयोग अंतिम रूप देने जा रहा है। आयोग ने 1421 पद भरने को करीब दो वर्ष पहले आवेदन मांगे थे। लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के बाद साक्षात्कार प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। साक्षात्कार के दौरान करीब 274 अभ्यर्थियों ने प्राइवेट कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों से प्राप्त कंप्यूटर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट दर्शाए थे। इसके चलते आयोग ने मामला सरकार के पास भेजा था। सरकार ने आयोग को सशर्त मंजूरी देते हुए कहा कि साक्षात्कार से बाहर हुए सभी अभ्यर्थियों से अंडरटेकिंग और घोषणा पत्र लिया जाए कि उन्होंने मान्यता प्राप्त निजी कंप्यूटर शिक्षण संस्थान में रेगुलर कक्षाएं लगाने और परीक्षा देने के बाद कंप्यूटर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्राप्त किए हैं। अब आयोग ने 7 सितंबर तक अभ्यर्थियों से आयोग कार्यालय में अंडरटेकिंग और घोषणा पत्र जमा करवाने के निर्देश दिए हैं।

  • फर्जी दस्तावेज देने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई: सचिव

प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने कहा कि मान्यता प्राप्त निजी कंप्यूटर शिक्षण संस्थान में रेगुलर कक्षाएं लगाने और परीक्षा देने के बाद कंप्यूटर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को आयोग ने 7 सितंबर तक अंडरटेकिंग और घोषणा पत्र जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। फर्जी दस्तावेज देने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

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