मेसमराईजिंग कुल्लू व लाहौल-स्पिति उत्सव में जिला की सांस्कृतिक झलक

मेसमराईजिंग कुल्लू व लाहौल-स्पिति उत्सव में जिला की सांस्कृतिक झलक

  • रिज मैदान शिमला में ‘‘मेसमराईजिंग कुल्लू व लाहौल-स्पिति’’ उत्सव का शुभारंभ
  • जिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, हस्तकला, काष्ठ कला और अन्य कलाओं को प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत
जिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, हस्तकला, काष्ठ कला और अन्य कलाओं को प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत

जिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, हस्तकला, काष्ठ कला और अन्य कलाओं को प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत

शिमला : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व व विधि मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने आज रिज मैदान शिमला में जिला प्रशासन कुल्लू और भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘‘मेसमराईजिंग कुल्लू व लाहौल-स्पिति’’ जिला की सांस्कृतिक झलक उत्सव का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में कुल्लू और लाहौल-स्पिति जिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, हस्तकला, काष्ठ कला और अन्य कलाओं को प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों का समान विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिला की सांस्कृतिक विरासत बहुत ही समृद्ध है। कुल्लू जिला जहां प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व विख्यात है, वहीं समृद्ध व अनूठी देव संस्कृति व लोक संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। यहां के लोगों की देवी-देवताओं के प्रति अटूट आंस्था व श्रद्धा है।

जिला लाहौल-स्पिति की सांस्कृतिक विरासत भी बहुत ही समृद्ध है, इस जनजातीय क्षेत्र के लोगों ने अपनी मेहनत और परिश्रम के बलबूते विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश और देश में अपना नाम रौशन किया है। जिला कुल्लू और लाहौल-स्पिति में सामाजिक सरोकार बहुत महत्वपूर्ण है। यहां का अतिथि सत्कार और जीवनशैली श्रेष्ठ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस उत्सव के माध्यम से न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों को भी जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति की समृद्ध संस्कृति, भाषा और अन्य कलाओं को जानने और समझने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए भाषा कला एवं संस्कृति और अन्य संबद्ध सभी विभागों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से निश्चित रूप से प्रदेश की कला एवं संस्कृति के संरक्षण व संवर्द्धन को बल मिलेगा।

इस अवसर पर गेयटी थियेटर में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की निदेशक शशि ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत और विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की निदेशक शशि ठाकुर, संयुक्त निदेशक राकेश कोरला, सहायक आयुक्त डा. अमित गुलेरिया, उप निदेशक भाषा एवं संस्कृति बालकृष्ण शर्मा, जिला लोक सम्पर्क अधिकारी शेर सिंह शर्मा, डीएलओ प्रोमिला गुलेरिया, त्रिलोक सूर्यवंशी और अन्य विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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