विधानसभा मानसूनसत्र: सदन में वापस लौटा विपक्ष, हिम केयर व आयुष्मान योजनाओं पर चर्चा

विधानसभा सत्र : तीसरे दिन भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में रहा गतिरोध जारी

शिमला: हिमाचल विधानसभा सत्र के तीसरे दिन भी विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में गतिरोध जारी रहा। हिमाचल में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर नियम 67 के तहत चर्चा करवाने की विपक्ष मांग करता रहा।  जिसके चलते विपक्ष ने नारेबाज़ी शुरू कर दी। कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग पर करीब पौने घंटे तक विपक्षी सदस्य विधानसभा अध्यक्ष बुटेल से कानून-व्यवस्था पर चर्चा की अनुमति देने पर अड़े रहे। हंगामा के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने 11 बजकर 45 मिनट पर सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। लेकिन, जैसे ही 12 बजे से सदन की कार्यवाही फिर से शुरु हुई विपक्ष फिर नियम 67 की मांग पर अड़ गया और हंगामा करने लगा। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कल शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी।

  • राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में : सीएम

विधानसभा में विपक्ष के लगातार तीसरे दिन हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी नहीं है, बल्कि इस बारे में विपक्ष गलत प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी राज्य अपराध मुक्त नहीं है, लेकिन इसकी तुलना में हिमाचल में अपराधों का ग्राफ बहुत कम है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और विपक्ष केवल राजनीतिक फायदे और लोगों को गुमराह करने के लिए खराब कानून व्यवस्था की बात कर रहा है।

  • कानून व्यवस्था के मुद्दे से प्रदेश सरकार कर रही है भागने का प्रयास : प्रो धूमल

विपक्ष के नेता प्रो.प्रेम कुमार धूमल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि तीन दिन से वे कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नियम 67 के तहत चर्चा की मांग कर रहे हैं। प्रो. धूमल ने कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही में भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कानून व्यवस्था के मुद्दे से प्रदेश सरकार भागने का प्रयास कर रही है। आये दिन प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में सरकार इसे लेकर गंभीर होती तो सदन में चर्चा भी होती।

वहीं प्रो. धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भाजपा नेताओं को गुंडा कह रही है लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनके कामकाज से आज विधानसभा जंगल बन कर रह गई है। उन्होंने कहा कि सदन में भाजपा सदस्यों के खिलाफ मुख्यमंत्री का ऐसा बयान आपत्तिजनक है और इसके लिए मुख्यमंत्री सदन में माफी मांगें। जब तक वह माफी नहीं मांगेंगे सदन में कोई चर्चा नहीं होगी।

  • जयराम ठाकुर ने भी एक घटना का जिक्र

जयराम ठाकुर ने कल रात हुए एक घटना का भी इस दौरान जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कल वे शिमला आ रहे थे और इस दौरान बालुगंज से आगे एक गाड़ी से पास लिया और उसके बाद वह गाड़ी लगातार हार्न बजाते हुए चलती रही और चौड़ा मैदान में सिसिल होटल पास उसने ओवरटेक किया और जब वे विधानसभा पहुंचे तो वह कार भी पीछे आ गई। इस दौरान जब वहां पुलिस कर्मी से उस कार के चालक को बुलाने को कहा तो वह कार चालक उसे लेकर भाग गया। इस दौरान उसका नंबर नोट किया और यह (एचपी-10-ए-2450) था। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा की सुरक्षा का सवाल है और कैसे कोई वाहन अंदर घुस सकता है। इसकी जानकारी उन्होंने एसपी को भी दी और सुबह पुलिस के एसएचओ आए और पुछा कि क्या करना है। उन्होंने कहा कि यह तो पुलिस की स्थिति है।

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