मुख्यमंत्री ने किया पुलिस कर्मियों से बुराई-मुक्त समाज बनाने का आहवान

मुख्यमंत्री ने किया पुलिस कर्मियों से बुराई-मुक्त समाज बनाने का आहवान

  • डरोह में की पुलिस जवानों के 16वें बैच की पासिंग आऊट परेड की अध्यक्षता  

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज ज़िला कांगड़ा के डरोह में पुलिस जवानों के 16वें बैच की पासिंग आऊट परेड की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य समाज से बुराई को मिटाना तथा अपराधियों से सख्ती से निपटना है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के कंधों पर प्रदेश के लोगों की जानमाल की रक्षा करने का दायित्व है तथा पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि असामाजिक तत्व कानून व्यवस्था को भंग व समाज में भय का माहौल पैदा न कर सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ पुलिस विभाग की छवि भी उन पर निर्भर है।

उन्होंने कहा कि आज प्रशिक्षण पूर्ण करने वाला बैच निश्चित ही प्रदेश पुलिस की श्रमशक्ति में बढ़ौत्तरी करेगा।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पुलिस को विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सिपाहियों के 1073 पदों को स्वीकृति प्रदान की तथा इससे संबंधित भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त सब इंस्पेक्टरों की भर्ती भी पूरी हो गई है तथा शीघ्र ही उन्हें डरोह पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि प्रशिक्षण, जवानों को एक सच्चा पेशेवर पुलिस कर्मी बनाने तथा पुलिस के कार्यों में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार कर अपना दायित्व निभाने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को महिलाओं की सुरक्षा संबंधी जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनने तथा समाज के निर्धन व कमजोर वर्गों की रक्षा करने के लिए तत्पर रहने का आहवान किया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने नए पुलिस जवानों को कानून व्यवस्था बनाने के लिए अधिक व्यावहारिक व पेशेवर बनने तथा लोगों से धैर्य के साथ व्यवहार करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि कुशल प्रशासन व पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद कई बार चूक रह जाती है व ऐसे मामलों में प्रभावशाली ढंग से निपटना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने राजनैतिक हितों की पूर्ति के लिए अनावश्यक मामलों को तूल देते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में अपराध की दर बहुत कम है तथा हाल ही में कोटखाई मामले को सुलझाने व अपराधियों को पकड़ने में पुलिस के सराहनीय प्रयासों के बावजूद विपक्ष के कुछ लोगों ने हंगामा करवाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री को इस मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए पत्र लिखा। लेकिन ऐसा प्रदेश पुलिस के  अप्रभावी होने के कारण नहीं बल्कि जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया। उन्होंने कहा कि अब मामला सीबीआई के पास है तथा सीबीआई ने मामले में अपनी रिपोर्ट जमा करवाने के लिए तीन माह की अतिरिक्त अवधि का आग्रह किया है। लेकिन उच्च न्यायालय ने दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई को इस मामले में विलम्ब न करते हुए शीघ्रातिशीघ्र अपराधियों को पकड़ने के प्रयास करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पीटीसी डरोह परिसर में 1000 लीटर के पानी के टेंक और पानी की पाईपें बदलने के लिए 25 लाख रूपये और परिसर में सौर ऊर्जा लाइटें स्थापित करने के लिए 20 लाख रूपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने परिसर के सभी भवनों में बायो-डाईजैस्टर्स के लिए 6.50 लाख रूपये की भी घोषणा की।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने दक्षिण रेंज, उतरी रेंज, केन्द्रीय रेंज व रिजर्व बटालियनों के पुरूष तथा महिला पुलिस जवानों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट की सलामी ली।

पुलिस महानिदेशक सोमेश गोयल ने इस अवसर पर कहा कि नौ महीने के इस कठोर प्रशिक्षण के दौरान जवानों को कानून, पुलिस विज्ञान, अपराध, कम्पयूटर, साईबर अपराध और मानव अधिकारों तथा डयूटी में अनुशासन व अच्छे व्यवहार का प्रशिक्षण भी दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रभावी समाज के निर्माण के लिए प्रशिक्षण के दौरान  जवानों को महिलाओं,बच्चां व वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपराधों के संवेदनशील मामलों और महिलाओं की सुरक्षा आदि के बारे में भी जानकारी दी गई।

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