एम्स के लिए भूमि उपलब्ध करवाने के बावजूद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा देरी का कारण समझ से परे : मुख्यमंत्री

एम्स के लिए भूमि उपलब्ध करवाने के बावजूद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा देरी का कारण समझ से परे : मुख्यमंत्री

  • रावमापा कन्दरौर बनेगा आदर्श विद्यालय

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज बिलासपुर जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्दरौर में उत्तरी क्षेत्र बास्केटबॉल चैम्पियनशिप के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पाठशाला को आदर्श पाठशाला बनाया जाएगा और इस सम्बन्ध में सभी औपचारिकताओं को यथाशीघ्र पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर जिले के सभी क्षेत्रों को पुलों के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि गोबिन्द सागर पर निर्माणाधीन बागछाल पुल का निर्माण कार्य जारी है। यह पुल गेहड़वीं तथा कोटकहलूर विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ेगा और 70 किलोमीटर तक की दूरी कम करेगा। उन्होंने कहा कि बैरी-दड़ोलां पुल का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जाएगा और जहां कहीं पर भी आवश्यकता होगी, पुलों का निर्माण कर क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम किया जाएगा।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि बेघर हुए भाखड़ा विस्थापितों को भूमि/प्लॉट प्रदान किए गए हैं। हालांकि, अधिकारों के लिए मुकदमेबाजी में उलझे कोटधार के छूटे हुए विस्थापितों का मामला पुनः केन्द्र सरकार से उठाया गया है और एक लघु समझौते के अन्तर्गत शीघ्र इसका निपटारा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने आवंटित भूमि से अधिक का अधिग्रहण किया है, उन्हें बेघर लोगों की स्थिति का भी एहसास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आवश्यकता के मुताबिक एम्स के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवा दी है, लेकिन ‘मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कौन से ऐसे विशेष कारण है जिनके चलते परियोजना के निर्माण में देरी की जा रही है।’ उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा राज्य के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा पाले बैठे हैं और इसके बाद ही एम्स के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए परियोजना को हरी झंडी देने की सोच रहे हैं।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में कार्यरत शहरी तथा ग्रामीण महाविद्यालयों में समान रूप से गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। ‘हालांकि अनेकों शिक्षण संस्थान खोलने के लिए भाजपा द्वारा मेरी आलोचना की गई, लेकिन मेरा मानना है कि वे मौजूदा परिदृश्य में शिक्षा के महत्व को समझने में विफल रहे हैं’। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान सरकार के प्रयासों से ही संभव हो पाया है कि हिमाचल को शिक्षा के क्षेत्र में बड़े राज्यों की श्रेणी में प्रथम राज्य का दर्जा प्रदान किया गया है। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने लुहणू में 7.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सिंथेटिक ट्रेक की आधारशिला रखी और मौजूदा विधायक तथा 20-सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष राम लाल ठाकुर की उपस्थिति में छात्रा पाठशाला के समीप 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सभागार की भी आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री ने नए बिलासपुर शहर के लिए 1.12 करोड़ रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजना के संवर्धन की भी आधारशिला रखी। यह योजना वर्ष 2036 तक 18,136 की आबादी और वर्तमान में 15,000 की आबादी को लाभान्वित करेगी। उन्होंने 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जिला पंचायत विभाग के प्रशिक्षण केन्द्र भवन की भी आधारशिला रखी।

वीरभद्र सिंह ने 88.70 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना हरलोग-चलैली से हरलोग तथा चलैली गांवों की आंशिक रूप से कवर बस्तियों के लिए जलापूर्ति योजना, उठाऊ जलापूर्ति योजना तल्याणा चरण-2 से गांव बाड़ी-भगोट, बाड़ी-बारन, रंगलोह गांवों की विभिन्न बस्तियों के लिए 1.19 करोड़ रुपये की जलापूर्ति सुविधा की आधारशिला रखी।

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