बाजार से रसोईघर तक का फासला टमाटर से हुआ बहुत दूर

बाजार से रसोईघर तक का फासला टमाटर से हुआ बहुत दूर

  •  टमाटर की कीमत आसमान पर, कई जगह बिक रहा है 100 रु. किलो

नई दिल्ली: आज बढ़ती महंगाई के चलते टमाटर में आए उछाल से  बाजार से रसोईघर तक का फासला टमाटर से बहुत दूर हो गया है। देश में इस वक्त फरवरी से जुलाई के बीच तैयार होने वाली टमाटर की फसल पहुंच रही है। देश में सबसे ज्यादा टमाटर की पैदावार कर्नाटक, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में होती है। बेंगलूरु से 60 किलोमीटर कोलार, एशिया में टमाटर के उत्पादन में दूसरे नंबर पर है। कोलार में इस बार पिछले साल के मुकाबले टमाटर की खेती कम हुई है।

नई दिल्ली:  देश भर में टमाटर की कीमत आसमान पर पहुंच गई है। कहीं कहीं तो इसकी कीमत 100 रुपये के पार भी पहुंच गई। टमाटर की महंगाई से जनता में गुस्सा है । टमाटर के दाम सेब की कीमत के बराबर पहुंच गए हैं. हालात ये हैं कि जो टमाटर 25 दिन पहले 20 रुपये प्रति किलो के भाव से मिलता था अब उसमें 500 फीसदी तक का इजाफा हो गया है।

उत्तर प्रदेश में टमाटर के दाम 430 फीसदी, मध्य प्रदेश में 350 फीसदी, राजस्थान में 410 फीसदी और महाराष्ट्र में 430 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

  • खेतों से लेकर मंडियों तक पड़ताल

देश में इस वक्त फरवरी से जुलाई के बीच तैयार होने वाली टमाटर की फसल पहुंच रही है। देश में सबसे ज्यादा टमाटर की पैदावार कर्नाटक, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में होती है। बेंगलूरु से 60 किलोमीटर कोलार, एशिया में टमाटर के उत्पादन में दूसरे नंबर पर है। कोलार में इस बार पिछले साल के मुकाबले टमाटर की खेती कम हुई है।

कोलार में टमाटर के किसान श्रीनिवास गौड़ा ने बताया, ‘’इस बार यहां टमाटर की खेती कम की गई है। अगर सौ किसान टमाटर उगाते थे, तो इस बार पचास ने ही खेती की. बहुत से लोगों ने खेती में हुए नुकसान के कारण टमाटर की फसल नहीं लगाई।’’

  • तापमान ज्यादा होने की वजह से टमाटर की पैदावार घटी

कोलार के टमाटर पाकिस्तान, बांग्लादेश, दुबई और देश के दूसरे राज्यों में भेजे जाते थे लेकिन इस बार तापमान ज्यादा होने की वजह से टमाटर की पैदावार घट गई है। क्योंकि टमाटर की खेती के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्यिसस का तापमान होना चाहिए। इस बार तापमान 38 से 40 डिग्री चला गया. जिससे टमाटर के प्लांट सूख गए और  बारिश नहीं हुई।

कर्नाटक में जाड़े वाली फसल की सही कीमत नहीं मिली जिसके कारण कुछ किसानों ने फसल ही नहीं बोई। कर्नाटक में उत्पादन घटा है लेकिन हिमाचल प्रदेश के सोलन में टमाटर की अच्छी पैदावार हुई है।

  • कर्नाटक की वजह से मंडियों में दाम बढ़े

सोलन में टमाटर उगाने वाले किसान योगेश ने बताया, ‘’हिमाचल के किसान की नजर में टमाटर की फसल अच्छी हुई है। इसके बावजूद सोलन की मंडियों में टमाटर महंगा बिक रहा है। इसके पीछे वजह ये है कि कर्नाटक में टमाटर की फसल बर्बादी की खबर हिमाचल में पहुंच चुकी है, जिसकी वजह से मंडियों में दाम बढ़ गए हैं। दिल्ली और नासिक तक पहुंचते-पहुंचते टमाटर की फुटकर कीमत 100 रुपये प्रति किलो हो गई है।’’

  • टमाटर की आसमान छूती कीमत को लेकर देशभर में प्रदर्शन

टमाटर की आसमान छूती कीमत को लेकर देशभर में प्रदर्शन भी हो रहे हैं। इलाहाबाद और गोंडा में टमाटर की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदर्शन किया गया।  दरअसल टमाटर एक ऐसी सब्जी है जिसे बहुत दिनों साधारण तरीके से स्टोर करके नहीं रखा जा सकता। इसके लिए कोल्ड स्टोरेज की जरूरत होती है। ऐसे में टमाटर की महंगाई का एक बड़ा कारण कोल्ड स्टोरेज की कमी भी है,जिसे दूर कर काफी हद तक महंगाई पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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