केन्द्र से उठाएंगे काजा-मुध-भाबा सड़क निर्माण का मुद्दाः मुख्यमंत्री

केन्द्र से उठाएंगे काजा-मुध-भाबा सड़क निर्माण का मुद्दाः मुख्यमंत्री

  • तीन दिवसीय जातरू मेले का किया उदघाटन

 शिमला: राज्य सरकार काजा से शिमला की दूरी को 90 किलोमीटर कम करने के लिए स्पीति तथा किन्नौर को जोड़ने वाली पिन घाटी से होकर गुजरने वाली काजा-मुध-भाबा सड़क के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए ठोस प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज जनजातीय जिला किन्नौर के कटगांव (काफनू) में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि अतारगू से मुध के लिए 34 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण कर दिया गया है तथा वन स्वीकृति का मामला राज्य वन्यप्राणीबोर्ड को भेजा गया है ताकि इसे शीघ्र राष्ट्रीय वन्यप्राणीबोर्ड के समक्ष रखा जा सके क्योंकि इसके निर्माण का शेष हिस्सा वन्यप्राणीअभ्यरण क्षेत्र में पड़ता है।

उन्होंने भावानगर में तीन दिवसीय खण्ड स्तरीय जातरू मेले का उदघाटन किया तथा मेले का नाम जातरू के बजाए भावा जातर रखने का सुझाव दिया क्योंकि जातरू का अर्थ मेला ही होता है। उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी परम्परा, रीति-रिवाज तथा संस्कृति को संजोए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इस तरह के खण्ड स्तरीय मेलों के माध्यम से क्षेत्र विशेष की संस्कृति की झलक को पास से देखने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलता है। उन्होंने इस अवसर पर मेले की स्मारिका का विमोचन किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उदघाटन भी किया।

इससे पूर्व उन्होंने 4.04 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित जानी सम्पर्क मार्ग का उदघाटन करने के उपरान्त टापरी में एक जनसभा को भी सम्बोधित किया।इस सड़क से सतलुज नदी के बाएं तट पर बसे जानी क्षेत्र की लगभग 1000 की आबादी को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने उरनी, जानी तथा कटगांव के महिला मण्डलों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए प्रत्येक महिला मण्डल को 20 हजार रुपये की राशि की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिहीनों तथा नियमों के अनुसार योग्य लोगों को नौतोड़ के आबंटन की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम-1980 के अन्तर्गत दो साल की छूट देते हुए नौतोड़ प्रदान करने का यह अंतिम अवसर है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस सम्बन्ध में पहले ही निर्देश दे दिए हैं तथा इस विषय में किसी भी तरह की देरी सहन नहीं की जाएगी।

उन्होंने 1300 लोगों की आबादी को लाभान्वित करने के लिए भाबा खड्ड पर   यांगपा- दो सम्पर्क सड़क के लिए 2.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बैली पुल तथा शांगू गांव की लगभग 500 की आबादी को लाभान्वित करने के लिए छोटी नदी भाबा पर शांगू गांव के लिए 2.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मोटर योग्य स्पेन बैली पुल की आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने काफनू में पंचायत कार्यालय परिसर की आधारशिला भी रखी।

वीरभद्र सिंह ने 5.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित से पानबी गांव के सम्पर्क मार्ग का उद्घाटन किया तथा बस को रवाना किया। उन्होंने भाबा नगर में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी सचिवालय के नव निर्मित भवन का उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री ने रविवार देर सायं सांगला में एक जन सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को सांगलर की मल निकासी योजना को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जिसकी आधारशिला उन्होंने 2007 में रखी थी। उन्होंने कहा कि यह कार्य एक माह के भीतर पूर्ण हो जाना चाहिए। उन्होंने बारंग में एक नया पटवार वृत्त खोलने तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सांगला को सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए 20 हजार रुपये की राशि की भी घोषणा की।

विधानसभा के उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने टापरी से जानी सम्पर्क मार्ग के निर्माण में बाधा डालने के लिए भाजपा की निंदा की तथा कहा कि इसका निर्माण काफी सालों से लम्बित पड़ा था। उन्होंने कहा कि निजी कम्पनियों को बढ़ावा देने वाली भाजपा के शासनकाल के दौरान निचार क्षेत्र में विकास रूका रहा। उन्होंने कहा कि रूपी को एक माह के भीतर सड़क से जोड़ा जाएगा तथा एक लम्बे अंतराल के बाद मीरू के लिए सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सुरंग का निर्माण तरांडा के सम्पर्क मार्ग से किया जाएगा।  नेगी ने वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान हासिल अन्य उपलब्धियों की भी जानकारी दी।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *