सभी उपायुक्तों को संक्रामक निवारण हेतु विशेष अभियान आयोजित करवाने के निर्देश

सभी उपायुक्तों को संक्रामक निवारण हेतु विशेष अभियान आयोजित करवाने के निर्देश

सभी उपायुक्तों को संक्रामक निवारण हेतु विशेष अभियान आयोजित करवाने के निर्देश

सभी उपायुक्तों को संक्रामक निवारण हेतु विशेष अभियान आयोजित करवाने के निर्देश

शिमला: मुख्य सचिव वी.सी. फारका ने आज यहां राज्य सरकार के सभी विभागों को चालू वर्षा ऋतु में तैयार रहने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रदेश में जान व माल के नुकसान से बचाया जा सके। फारका आज यहां विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, केन्द्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ मॉनसून में आवश्यक बचाव पग उठाने के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

फारका ने सभी उपायुक्तों को संक्रामक, जल जनित बीमारियों से बचाव तथा शीघ्र आवश्यक सुधारात्मक उपाय उठाने के लिए विशेष अभियान आयोजित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों को पर्यटकों, ट्रैकरों तथा आम जनता को बचाव उपायों से  जागरूक करवाने के लिए भी कहा। इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए सम्बन्धित विभागों के मध्यस् बेहतर ताल-मेल सुनिश्चित बनाने तथा आवश्यक सेवाओं की उचित देखभाल के लिए भी कहा।

मुख्य सचिव ने तत्काल प्रतिक्रिया, उपचारात्मक कार्यवाही तथा चेतावनी के उचित प्रसार को सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाधित सड़कों को शीघ्र सुचारू बनाया जाए तथा अन्य उपलब्ध वैकल्पिक रास्तों को भी ठीक रखा जाना चाहिए। पानी की पाइपलाईनों को नुकसान पहुंचने पर मुरम्मत कार्य को उच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।

उन्होंने शिमला, कुल्लू, चम्बा, किन्नौर तथा मण्डी जिलों के उपायुक्तों को फील्ड स्टाफ को सक्रिय करने तथा सेब की फसल के दौरान यातायात को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने लाईन विभागों को हर स्थिति में तैयार रहने तथा नुकसान का जायजा लेने को कहा ताकि संकलन के उपरांत इस जानकारी को समय रहते भारत सरकार को भेजा जा सके। फारका ने निर्देश दिए कि राज्य भू-विज्ञानी से आई रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन प्रवृत्त क्षेत्र, विशेषकर मण्डी जिला में पंडोह, सिरमौर जिले में बनूर व मालगी तथा स्पीति के माणे गांव में शीघ्र उपचारात्मक कदम उठाएं।

उन्होंने नगर निगम शिमला के आयुक्त को क्षतिग्रस्त मल निकासी पाइपों को तुरंत सुचारू बनाने तथा कार्यालय के व्यस्त समय में कचरे के ट्रकों की आवाजाही से बचने को कहा।

राजस्व तथा आपदा प्रबन्धन के विशेष सचिव डी.डी. शर्मा ने कहा कि जिला स्तर पर उपलब्ध उपकरणों की स्रोत की सूची को हि.प्र. राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की वैबसाईट पर अद्यतन किया गया है तथा इस सूची को सभी हितधारक विभागों के ताल-मेल से नियमित तौर पर अद्यतन किया जाना चाहिए।

राजस्व तथा आपदा प्रबन्धन के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरूण श्रीधर, प्रधान सचिव गृह प्रबोध सक्सेना, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य की प्रधान सचिव अनुराधा ठाकुर, नगर निगम शिमला के आयुक्त जी.सी. नेगी विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल थे।

 

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