राज्यपाल की केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री से भेंट, अगले दो वर्षों में प्रदेश के हर घर को मिलेगी एलपीजी सुविधा

राज्यपाल की केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से भेंट, अगले दो वर्षों में प्रदेश के हर घर को मिलेगी एलपीजी सुविधा

शिमला: राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान आज केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार धमेन्द्र प्रधान से भेंट की। राज्यपाल ने केंद्रीय मंत्री से इस दौरान हिमाचल हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की और उनके मंत्रालय से संबंधित विभिन्न योजनाओं से प्रदेशवासियों को लाभान्वित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की गरीब महिलाओं के चेहरों पर खुशी लाने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ आरम्भ की है, जिसके अन्तर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कुनेक्शन प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के गरीब परिवार भी लाभान्वित हों, इसके लिए मंत्रालय विशेष तौर पर सहयोग करे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग होता है, जिससे पर्यावरण का नुकसान तो होता ही है साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य को भी नुकसान होता है। उन्होंने आग्रह किया कि यदि प्रदेश में इस योजना का विस्तार होता है और मुफ्त रसाई गैस कुनेक्शन मुहैया होते हैं, तो इसका लाभ महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा के लिए भी सुनिश्चित होगा। इसलिए देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ प्रदेश को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। धमेन्द्र प्रधान ने राज्यपाल द्वारा प्रदेश हित में किए गए इस आग्रह को स्वीकार करते हुए कहा कि मंत्रालय इस बाबत विशेष पग उठाएगा और राज्य को लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले दो वर्षों में प्रदेश के हर घर को एलपीजी की सुविधा प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में लगभग 16 लाख परिवारों में से लगभग 14 लाख परिवारों को एलपीजी कुनेक्शन की सुविधा प्रदान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के आरम्भ होने से अब तक प्रथम वर्ष में ही करीब 2.25 करोड़ नए लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में इस योजना को पूर्ण रूप से विस्तार देने से जंगलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा और इससे हरित आवरण को लाभ होगा।

राज्यपाल ने प्रदेश के ऊना जिले में 507 करोड़ रुपये की लागत से इंडियन ऑयल कंटेनर के शिलान्यास के लिए आभार व्यक्त किया और इसका कार्य शीघ्र पूरा करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सामरिक दृष्टि से यह महत्वपूर्ण स्थल हैं, जहां सर्दियों में लेह-लद्दाख, पठानकोट से श्रीनगर के लिए फ्यूल स्टॉकिंग कार्य किया जा सकेगा। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि इंडियन ऑयल कंटेनर का कार्य 2018 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में एलपीजीरीफिल के लिए लगभग 90 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बॉटलिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन सभी बड़ी परियोजनाओं से राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।

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