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चुनौतियों से निकलने वाला व्यक्ति ही बनाता है इतिहास : राज्यपाल

  • देश को पुनर्स्थापित करने में योगदान दें: आचार्य देवव्रत

शिमला: राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा तथा अन्य संबद्ध सेवाओं में चयनित उम्मीदवारों से अपील की कि वे देश के गौरवशाली इतिहास को पुर्नस्थापित करने के लिए समर्पण, ईमानदारी और राष्ट्रभावना के साथ कार्य करें।

राज्यपाल आज जन कल्याण शिक्षा समिति, कालकाजी, नई दिल्ली द्वारा मेधावी विद्यार्थियों में प्रतिभा एवं सामाजिक प्रतिबद्धता विकसित करने के लिए समर्पित प्रकल्प को लेकर आयोजित स्नेह-मिलन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के लिए समर्पित रूप से कार्य करने के लिए ‘संकल्प’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था से प्रशिक्षित विद्यार्थियों को उच्च संस्कारों के साथ-साथ राष्ट्र सेवा का चिंतन भी मिला है।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि इस राष्ट्र का गौरव हमेशा से ऊंचा रहा है और इस गौरव को बनाए रखने के लिए चयनित सफल उम्मीदवारों को यह तय करना है कि उन्हें किस दिशा में जाना है। जीवन के हर क्षेत्र में आने वाली हर चुनौती का सामना सकारात्मक सोच और राष्ट्र भावना के साथ करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह राष्ट्र बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के वैभवशाली इतिहास की पुनर्स्थापना की दिशा में देश का नेतृत्व कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रशिक्षुओं का आह्वान किया कि वे इस दिशा में अपना योगदान दें और इस चिंतन को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।

राज्यपाल ने कहा कि चुनौतियों से निकलने वाला व्यक्ति ही इतिहास बनाता है। इसलिए मेहनत, समर्पण व राष्ट्रभक्ति के जज्बे के साथ अपने-अपने क्षेत्र में कार्य करते हुए देश का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि देश को आपसे बहुत उम्मीदें हैं और उन्होंने आशा जताई कि जिन संस्कारों के साथ आप आगे बढ़े हैं वह लोगों की आशाओं पर खरा उतरने में सहयोग करेंगे।

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