प्रदेश में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम: सीएम

प्रदेश में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम: सीएम

  •   राज्य सरकार सौर व पवन ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की इच्छुक

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज मण्डी जिले के सुंदरनगर में कनिष्ठ अभियन्ता व अतिरिक्त सहायक अभियंता एसोसिएशन के 11वें सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर समयबद्ध पदोन्नति की मांग पर सेवा समिति विचार करेगी और मांग को पूरा करने के लिए इस दिशा में आवश्यक पग उठाएगी।

उन्होंने कहा कि हि.प्र.राज्य विद्युत बोर्ड सीमित के कर्मचारियों के प्रयासों के कारण ही सम्भव हो पाया है कि आज हमने राज्य के सभी ग्रामीण तथा दूरदराज के क्षेत्रों को बिजली उपलब्ध करवाकर 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शत-प्रतिशत विद्युतीकरण की उपलब्धि हासिल करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं जलवायु बाधाओं के बावजूद हमारे कर्मचारियों ने प्रत्येक घर को बिजली प्रदान करने का सराहनीय कार्य किया है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि ‘मैं निश्चित रूप से विश्वास करता हॅूं कि एसोसिएशन ने कर्मचारियों के अधिकारों के संरक्षण, समर्पण तथा उच्च स्तर की विश्वसनीयता को कायम रखने में सफलता हासिल की है।’

उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला लाहौल-स्पिति के काजा में 2.5 मैगावाट की सौर उर्जा परियोजना के क्रियान्वयन के लिए हि.प्र.राज्य विद्युत बोर्ड सीमित, भारतीय सौर उर्जा निगम तथा हि.प्र.सौर उर्जा निगम द्वारा संयुक्त रूप से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय तथा दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए सौर तथा पवन उर्जा के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना तथा पुनःसंरचित त्वरित ऊर्जा विकास एवं सुधार कार्यक्रम के अन्तर्गत लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राज्य विद्युत बोर्ड को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) के अन्तर्गत हि.प्र.राज्य विद्युत बोर्ड निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के लिए भारत सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य के घरेलू तथा कृषक उपभोक्ताओं को 450 करोड़ रूपये का अनुदान प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के दूर-दराज तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की बिजली की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये गत साढ़े चार वर्षों के दौरान 220 किलोवाट का एक उप केन्द्र, 132 किलोवाट के चार उप-केन्द्र, 66 किलोवाट के चार उपकेन्द्र तथा 33 किलोवाट के 51 उप-केन्द्रों का निर्माण किया गया और लगभग 7124 किलोमीटर कम संचरण व उच्च संचरण लाईनें बिछाई गई।

उन्होंने कहा कि कनिष्ठ अभियंता (इलेक्ट्रिकल) के 300 पद तथा कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 30 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही ये पद भरें जाएंगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी है कि प्रदेश में घरेलू दक्षता प्रकाश कार्यक्रम लागू किया गया है और उपभोक्ताओं को अभी तक 80 लाख से अधिक एलईडी बल्ब अनुदान दरों पर वितरित किए गए हैं।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने 4.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सुन्दरनगर स्थित मॉडल पुलिस स्टेशन का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इस पुलिस स्टेशन की आधारशिला 30 अप्रैल, 2015 को रखी थी और इसका निर्माण भारतीय संचार निगम लिमिटेड द्वारा किया गया। यह पुलिस स्टेशन नगर परिषद सुन्दरनगर के 9 वार्ड तथा 39 पंचायतों के लोगों को सेवाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने जंजैहली में पुलिस स्टेशन व करसोग में विशेष उप मण्डलीय पुलिस अधिकारी कार्यालय खोलने की भी घोषणाएं की। पुलिस स्टेशन जंजैहली को प्रथम मई, 2017 को स्तरोन्नत किया गया था। दोनों नव स्तरोन्नत पुलिस स्टेशन पूरी तरह क्रियाशील हैं।

उन्होंने पॉलीटेक्निक कॉलेज सुन्दरनगर में 3.25 करेाड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वालेे कन्या छात्रावास तथा आईटीआई सुन्दरनगर में विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले छात्रावास की भी आधारशिलाएं रखी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया।

 

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