मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पुनः गठित कारोबार कल्याण बोर्ड की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए

कारोबारियों के लिए लागू की जाएगी डीम्ड असैस्मेंट प्रणालीः वीरभद्र सिंह

आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा कॉमन लॉग इन आईडी करवाई जाएगी उपलब्ध

डीलर अपनी सभी रिटर्न कर सकेंगे अपलोड़

व्यापारियों के लिए दो लाख रुपये का समूह दुर्घटना बीमा किया जाएगा आरम्भ

प्रदेश सरकार ने कारोबारियों को समय-समय पर करवाई विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई

शिमला ब्यूरो: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुनः गठित कारोबार कल्याण बोर्ड की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही एक करोड़ रुपये तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों के लिए डीम्ड असैस्मेंट की एक सरल प्रणाली लागू करने जा रही है। इस प्रणाली के फलस्वरूप व्यापारियों को नियमित असैस्मेंट की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा तथा आबकारी एवं कराधान विभाग के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को असैस्मेंट के बारे में आबकारी एवं कराधान विभाग की बैवसाईट तथा एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। वीरभद्र सिंह ने कहा कि माल ढुलाई की प्रक्रिया को परेशानी मुक्त बनाने के लिए पहले ही प्रदेश से बाहर जाने वाले वाहनों को रोकने से छूट प्रदान की गई है और अब प्रदेश में प्रवेश कर रहे ट्रकों, जिनके पास ढोए जा रहे सामान की पूर्ण ऑनलाईन घोषणा होगी, को भी बैरियर पर रूकने की आवश्यकता नहीं होगी। इसे सुनिश्चित बनाने के लिए मूल्यवर्धित कर अधिनियम (वैट) में आवश्यक संशोधन किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों को अलग-अलग अधिनियमों के तहत विभिन्न रिटर्न अपलोड़ करने की कठिनाई से बचाने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा कॉमन लॉग इन आईडी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिसके माध्यम से डीलर अपनी सभी रिटर्न अपलोड़ कर सकेंगे।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान में 5 लाख रुपए से कम करोबार करने वाले ढाबों, हलवाईयो, चाय तथा चाट की दुकानों को वैट की अदायगी में छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि पहली अप्रैल, 2015 से 8 लाख रुपए तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी वैट की अदायगी में छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 25 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाले लगभग 47 हजार छोटे व्यापारी जो सरकार को कर देते हैं, को दुर्घटना बीमा के दायरे में लाए जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष से ऐसे व्यापारियों के लिए दो लाख रुपये का समूह दुर्घटना बीमा आरम्भ किया जाएगा, जिसका प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 25 लाख रुपये तक का करोबार करने वाले व्यापारियों को, जो प्रदेश में ही क्रय विक्रय करते हैं, को ही वैट एक्ट के तहत एक मुश्त कर भुगतान की योजना के दायरे में रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से अन्तरराज्यीय क्रय विक्रय करने वाले व्यापारियों को भी एक मुश्त योजना के दायरे में लाया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में राज्य के छोटे व्यापारी लाभान्वित होंगे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि ट्रकों और बसों की बॉडी के फेब्रिकेशन में वैट की मौजूदा दर को 13.75 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे निर्यातक जो कि औद्योगिक उत्पादन के लिए प्रदेश में ही निर्यात के लिए खरीददारी करते हैं उन्हें एक निर्धारित प्रपत्र जमा करवाकर वस्तु कर में छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बोतलबंद पानी पर लगने वाले (सीजीसीआर) कर में भी कमी की जाएगी ताकि प्रदेश के बोतलबंद पानी उद्योग दूसरे राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर सकें। वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में रज्जू मार्गों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की है और प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत गैर-सूचित उड़ानों पर एवियेशन टर्बाईन फ्यूल पर लगने वाले कर को 27 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कारोबारियों की समस्याओं से भलिभांति परिचित है और उनके निपटारे के लिए प्रतिबद्ध है। गत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने कारोबारियों को समय-समय पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। बैठक के दौरान कारोबारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाने पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा गैर सरकारी सदस्यों की ओर से पंजीकृत कारोबारियों को अंशदान पैंशन योजना के तहत लाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इससे पूर्व आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने विभागीय गतिविधियों का विस्तार से ब्यौरा प्रस्तुत किया।

मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उपमा चौधरी एवं वी.सी. फारका, प्रधान सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव, आबकारी एवं कराधान आयुक्त जे.सी. चौहान सहित बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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