एसजेवीएन ने मनाया तीसरा अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस, ऐतिहासिक रिज मैदान में राज्यपाल ने विभिन्न स्कूलों के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों के साथ किया योग

एसजेवीएन ने मनाया तीसरा अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस, राज्यपाल ने रिज मैदान में सैंकड़ों छात्र-छात्राओं व लोगों के साथ किया योग

  • योग को बनाएं जीवन का हिस्सा : राज्यपाल
  • एसजेवीएन ने 50 से अधिक स्‍कूलों व परियोजना स्‍थलों में योग सत्र किए आयोजित : नंद लाल शर्मा
  • 51000 छात्रों व अन्‍य लोगों ने सीखा योगाभ्‍यास : नंद लाल शर्मा
  • कार्यक्रम में 15 से अधिक स्‍कूलों बच्‍चों व अध्‍यापकों, सामान्‍य जनता व एसजेवीएन के कर्मचारियों एवं रोटरी क्‍लब के सदस्‍यों द्वारा शामिल था सामूहिक योग प्रदर्शन
योग को बनाएं जीवन का हिस्सा : राज्यपाल

योग को बनाएं जीवन का हिस्सा : राज्यपाल

शिमला: एसजेवीएन ने तीसरा अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया। कार्यक्रम का आयोजन एसजेवीएन व रोटरी क्‍लब, शिमला द्वारा संयुक्‍त रूप से किया गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ऐतिहासिक रिज मैदान में शिमला शहर के विभिन्न स्कूलों के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं तथा अन्य लोगों के साथ योग किया। ऐतिहासिक रिज पर योग दिवस का आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण था।  एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक), नंद लाल शर्मा भी एसजेवीएन के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों सहित उपस्थित थे। रोटरी क्‍लब के पदाधिकारी प्रेजिडेंट मनु अग्रवाल व अन्‍य सदस्‍य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में 15 से अधिक स्‍कूलों के बच्‍चों तथा अध्‍यापकों, सामान्‍य जनता तथा एसजेवीएन के कर्मचारियों एवं रोटरी क्‍लब के सदस्‍यों द्वारा सामूहिक योग प्रदर्शन शामिल था।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है और आज, समूचा विश्व भारतवर्ष की इस प्राचीन जीवनशैली को अपना रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे सन्तों ने पहाड़ों पर लंबे अनुभव व विचार के दौरान इस विज्ञान को संकलित किया तथा विश्व को योग दिया, जो न केवल आत्मा, मन तथा मस्तिष्क को सन्तुलित करता है, बल्कि इससे खुशी की अनुभूति होती है और योग आत्मा को दिव्य शक्तियों से जोड़ता है।

उन्होंने लोगों से योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योग हमारी पुरानी परम्पराओं का हिस्सा रहा है और जीवन में नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए इसे नित्य प्रति की गतिविधि बनाने पर बल दिया।

एसजेवीएन लि. के निदेशक (कार्मिक) नन्‍द लाल शर्मा ने इस अवसर पर अपने स्‍वागत भाषण में कहा कि व्‍यक्ति शारीरि‍क, मानसिक तथा आत्मि‍क प्राणी है तथा योग इन तीनों में संतुलित विकास में सहायता करता है। उन्‍होंने आगे कहा कि हमारी भविष्‍य की पीढि़यों अर्थात बच्‍चों के मध्‍य जागरूकता उत्‍पन्‍न करने के लिए एसजेवीएन बेहतर शारीरिक , मानसिक तथा आत्मिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए प्रयासों द्वारा एक छोटी सी भूमिका निभा रहा है। गत सप्‍ताह के दौरान जनता के बीच एक स्‍वस्‍थ जीवन शैली के लिये योग के महत्‍व और लाभों को फैलाने के लिए, एसजेवीएन ने शिमला में 50 से अधिक स्‍कूलों तथा पूरे देश में स्थित हमारे परियोजना स्‍थलों में योग सत्र आयोजित किए, जिसमें लगभग 51000 छात्रों और अन्‍य लोगों ने योगाभ्‍यास सीखा।

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