हिमाचल में साहसिक पर्यटन ने छुई नई ऊंचाईयां

हिमाचल में साहसिक पर्यटन ने छुई नई ऊंचाईयां

  • प्रदेश में संयुक्त साहसिक पर्यटन अभियान सफलतापूर्वक आयोजित
प्रदेश में संयुक्त साहसिक पर्यटन अभियान सफलतापूर्वक आयोजित

प्रदेश में संयुक्त साहसिक पर्यटन अभियान सफलतापूर्वक आयोजित

हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, पर्यटन एवं नागरिक उड्यन विभाग, पर्यटन विकास निगम द्वारा भारतीय वायु सेना के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संयुक्त साहसिक पर्यटन अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

12 से 17 जून तक आयोजित यह अभियान कई प्रकार की साहसिक गतिविधियों का गवाह बना, जिसमें भारी संख्या में पर्यटकों व स्थानीय लोगों  ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। भारतीय वायु सेना के तत्वाधान में आयोजित यह अभियान अपनी किस्म का पहला अभियान है जिसके तहत हिमाचल में साहसिक अवसरों को प्रदर्शित कर युवा पीढ़ी को भारतीय वायु सेना की सेवाओं में सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा इस अभियान को सफल बनाने व इसका हिस्सा बनने के लिए विद्यार्थियों, पुलिस व आईटीबीपी के जवानों, स्थानीय साईकलिंग ऐसोशियसन, होटल व रैस्टोरेंट ऐसोशियसन, राष्द्रीय व स्थानीय मीडिया, द्रैवल लेखकों और स्थानीय गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया था।

अभियान के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों में स्काईडाईविंग व पैरासेलिंग शिमला के जुबड़-ह्हटी हवाई अड्डे में आयोजित की गई जबकि शिमला से त्तापानी तक आयोजित माऊंटेन टैरन बाईक प्रतियोगिता में काफी संख्या में पर्यटकों व स्थानीय लोगों ने भाग लिया। स्थानीय साईकलिंग ऐसोशियसन और दूसरे साईकलिस्टों ने भारतीय वायु सेना के डेयर डेविल ग्रुप के साथ मशोबरा तक इस अभियान में भाग लिया। अभियान के अंतर्गत पैरा-ग्लाईडिंग कांगड़ा के बीड़-बिलिंग में जबकि द्रैकिंग व कैंपिंग मनाली से ब्यास-कुंड तक आयोजित की गई जोकि 17 जून को रिवर-राफ्टिंग के साथ कुल्लू में सम्पन्न हुई।

प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा हाल ही में भारतीय नेवी अधिकारियों के लिए एक साहसिक यात्रा का आयोजन किया गया जिसके तहत बोर्डिंग-लोजिंग व यात्रा सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ कई प्रकार की साहसिक गतिविधियां जैसे रिवर-राफ्टिंग, द्रैकिंग, पर्वतारोहण, रैपलिंग व रिवर-क्रोसिंग आदि आयोजित की गईं। पर्यटन विकास निगम द्वारा अब आने वाले समय में साहसिक गतिविधि प्रिय लोगों के लिए अधिक पैकेजिज आधारित गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है तथा प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा भविष्य में राज्य में अतिरिक्त साहसिक गतिविधियों की संभावनाओं के दोहन के लिए इस तरह के अधिक से अधिक अभियान आयोजित करने की कार्य-योजना बनाई जा रही है।

पर्यटन विकास निगम द्वारा प्रदेश में विभिन्न प्रकार की साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बोर्डिंग-लोजिंग व यात्रा सुविधा के साथ कई साहसिक पर्यटन पैकेजिज भी शुरु किए गए हैं। निगम पर्यटकों की जरुरत व शौक के अनुसार साहसिक गतिविधियां चलने के लिए शीघ्र ही प्रदेश की विभिन्न एजैंसियों से संपर्क साधने जा रहा है।

निगम द्वारा भारतीय नेवी व वायु सेना बलों के लिए कई साहसिक पर्यटन पैकेजिज सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। इन पैकेजिज् के तहत अच्छा भोजन, रिहायश और बस यात्रा जैसी सुविधाएं

निगम द्वारा साहसिक प्रवास पैकेजिज् के लिए प्रशिक्षित गाईड गए है उपलब्ध करवाए

निगम द्वारा साहसिक प्रवास पैकेजिज् के लिए प्रशिक्षित गाईड गए है उपलब्ध करवाए

प्रदान करने के साथ-साथ निगम द्वारा द्रैकिंग, कैंपिंग, रिवर-राफ्टिंग, रैपलिंग, रिवर-क्रोसिंग पैरा-ग्लाईडिंग और मांऊटेन बाईकिंग आदि कई गतिविधियां सेना बलों के लिए सफलतापूर्वक आयोजित की हैं। निगम द्वारा साहसिक प्रवास पैकेजिज् के लिए प्रशिक्षित गाईड उपलब्ध करवाए गए हैं। निगम द्वारा प्रदेश के विभिन्न भागों में साहसिक गतिविधियां चलाने के लिए शीघ्र ही प्रमाणित ऐजैंसियों से संपर्क साधा जाएगा जिससे बोर्डिंग-लोजिंग व यात्रा सुविधा के साथ कम कीमत पर आकर्षक पैकेजिज् उपलब्ध करवाए जा सकेंगे।

प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के विभिन्न भागों में साहसिक खेल अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। बड़ा से भंगाल द्रैक, पिन-पार्वती तक द्रैकिंग रूट, तथा किन्नौर से कैलाश, स्पिति से गढ़वाल, भरमौर से पदुम, हाटु-पीक, नारकण्डा, कुपर पीक, खड़ापत्थर, सिरमौर जिले की चूड़-चांदनी पीक और शिमला के शाली देवी पीक तक द्रैकिंग रूट आरम्भ किए गए हैं। इसी प्रकार से लाहौल के सरचू, किन्नौर के सांगला और कल्पा और स्पिति के काजा में कैंपिंग अवसरों की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके साथ-साथ यूथ ऐसोशियसन ऑफ इण्डिया द्वारा डलहौजी, कुल्लू और मनाली में जबकि सांगला वैली के बासपा, किन्नौर के कल्पा, स्पिति के ताबो, अलहिलाल (तारागढ़), कांगड़ा के धर्मशाला, कुल्लू के समीप शोजा, शिमला के समीप मशोबरा और बल्देयां में निजि क्षेत्रों में कैंप चलाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही दियो-टिब्बा, रोहतांग-पास, चन्द्रखनी-पास, हनुमान टिब्बा और चन्द्राखानी पास में हैली-स्किंईग उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी प्रकार से मांऊटेन-बाईकिंग और मोटर बाईकिंग रुट की सुविधा लेह-मनाली, मनाली-दमफुग, ताबो-काजा, काजा-लोसर, शिमला-रामपुर और रामपुर-सांगला उच्चमार्गों में उपलब्ध करवाई जा रही है। मांऊटेन मोटर-साईकलिंग को मनाली-लेह और लाहौल-स्पिति सड़कों पर, पर्वतारोहण और रॉक-क्लाइविंग को मनाली में प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग मनाली, शीतीधार पीक, ब्यास-कुंड क्षेत्र, चन्द्राभाग रेंज, पीरपंजाल, धौलाधार रेंज, फुटहिल ऑफ हनुमान टिब्बा, दियो-टिब्बा गिरिगंगा और चांशल में रैपलिंग के अवसर उपलब्ध करवा रहा है।

पैरा-ग्लाईडिंग की विश्व स्तरीय सुविधा कांगड़ा घाटी के बीड़, कुल्लू जिला के बिजली-महादेव, मनाली और सोलंग घाटी और स्किंईंग की सोलंग घाटी और नारकण्डा में विकसित की गई है। कुपर और खड़ापत्थर में इस सुविधा को विकसित करने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है। जीप-सफारी, जोरबींग और एंगलिंग के अवसर पर्यटकों को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। रिवर-राफटिंग और जल-क्रीडा गतिविधियां प्रदेश में अन्य आकर्षण हैं जोकि पर्यटकों को प्रदेश में मौजूद विभिन्न नदियों में उपलब्ध करवाए जा रहें हैं।

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